अब एक परिवार में एक से अधिक गैस कनेक्शन नहीं चलेगा। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी (डीबीटीएल) का काम निपटने के बाद कंपनी डाटा वेरीफिकेशन की तैयारी कर रही है।
कई बार उपभोक्ता शहर छोड़ने के बाद अपना गैस कनेक्शन किसी दूसरे को दे देते हैं या बेच देते हैं। इसकी सूचना कंपनी और गैस एजेंसी को नहीं दी जाती है। उपभोक्ता के नाम पर गैस कनेक्शन चलता रहता है और उपभोक्ता दूसरे शहर में जाकर नया कनेक्शन ले लेते हैं, जिस कारण एक ही परिवार में अलग-अलग कंपनी के गैस कनेक्शन चल रहे हैं। नियमत: एक परिवार को एक ही कनेक्शन का नियम है।
डीबीटीएल का काम पूरा होने के बाद कंपनियां वेरीफिकेशन की तैयारी कर रही हैं और एक उपभोक्ता के नाम से अगर दो कनेक्शन मिले तो एक कनेक्शन रद्द कर दिया जाएगा। पिता-पुत्र में बंटवारा होने पर ही दो कनेक्शन चल सकते हैं, मगर दोनों की रसोई अलग होनी चाहिए। गैस कंपनी का कर्मचारी जाकर घर का सर्वे करेगा और दोनों के किचन अलग होने संबंधी रिपोर्ट भी देगा।
दो गैस कनेक्शन होने पर पुत्र को एक अंडरटेकिंग देनी पड़ती है, जिसमें अलग किचन का जिक्र होता है। अलग किचन मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। कंपनी ऐसे कनेक्शनों का कर्मचारी भेजकर वेरीफिकेशन भी कराती है। -वीके सुंदरियाल, एरिया सेल्स मैनेजर, इंडियन ऑयल कारपोरेशन