हल्द्वानी। कोरोनाकाल और लॉकडाउन के दौर से ही इंटरनेट की खपत बढ़ रही है। इस बार जनवरी-फरवरी में इंटरनेट की खपत में बृद्धि हुई है। नैनीताल जिले में करीब 20 फीसदी खपत बढ़ी है। विधानसभा चुनाव में भी इसका असर देखने को मिल रहा है और डोर टू डोर प्रचार से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक प्रचार का असर अधिक दिख रहा है।
वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी थी। इस वर्ष भी यह वृद्धि बदस्तूर जारी है। स्कूल बंद हैं और ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। वर्क फ्रॉम होम और इधर अब विधानसभा चुनाव भी साथ-साथ हो रहे हैं। इस बीच विभिन्न इंटरनेट और संचार सुविधाएं प्रदान करने वाली कंपनियां जैसे बीएसएनएल, जियो, एयरटेल, आइडिया के सब्सक्राइबर तेजी से बढ़ रहे हैं। इसकी वजह से डेटा खपत भी बढ़ रही है।
खास दिनों में ज्यादा बढ़ जाती है खपत
इंटरनेट प्रदाता कंपनियों की मानें तो वर्ष भर में आने वाले त्योहारों या उत्सवों पर इंटरनेट की खपत बढ़ जाती है। इनमें उत्तरायणी, वेलेंटाइन, होली, रक्षाबंधन, ईद, दीवाली आदि त्योहार शामिल हैं। जनवरी-फरवरी में ही बीएसएनएल समेत विभिन्न संचार कंपनियों में प्रत्येक में 150 सब्सक्राइबर बढ़े हैं। महीने भर में सब्सक्राइब करने वालों की संख्या 750 से 800 तक पहुंच रही है।
उत्तराखंड में बीएसएनएल एफटीटीएच के करीब 15 हजार उपभोक्ता हैं। वहीं ब्रॉडबैंड के 20 हजार से अधिक और मोबाइल के नौ लाख से अधिक उपभोक्ता हैं।
विशेष दिनों में इंटरनेट की खपत बढ़ जाती है। जनवरी-फरवरी में सब्सक्राइब करने वालों की संख्या बढ़ी है। विभिन्न कंपनियों में डेटा खपत में करीब 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
- हेमंत जोशी, इंटरनेट प्रोवाइडर कुमाऊं।