जिले में बुधवार को आए 7.5 तीव्रता के जबर्दस्त भूकंप में जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर 30 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा 119 लोग गंभीर घायल, 551 को हल्की चोटें आईं, जबकि 1307 लोगों को रेस्क्यू किया गया। डरिये नहीं! यह सब जिले में भूकंप से निपटने की तैयारियों के मद्देनजर बुधवार को जिला मुख्यालय नैनीताल में मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) के तहत हुआ। करीब तीन घंटे तक चली इस मॉकड्रिल में जिले के अधिकारियों के साथ ही सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनसीसी, एनएसएस के स्वयंसेवियों के साथ ही स्कूली बच्चों ने भी भाग लिया।
जिला आपदा कंट्रोल रूम से बुधवार की सुबह करीब 10:10 बजे जिले में भूकंप के झटकों के चलते सायरन बजाकर लोगों को इसकी सूचना दी गई। साथ ही डीएम दीपक रावत ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे से भी भूकंप की सूचना जनता को प्रसारित करने के निर्देश दिए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.5 थी, जिससे जिले के पांच स्थानों कुमाऊं विवि का प्रशासनिक भवन, ग्राम भूमियाधार, मल्लीताल अंडा मार्केट, आदर्श बालिका इंटर कॉलेज तल्लीताल और रैमजे अस्पताल क्षेत्र में जानमाल का काफी नुकसान हुआ।
सूचना मिलते ही प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस व स्वास्थ्य महकमे की ओर से बचाव के लिए टीमें भेजी गईं। वहीं रेस्क्यू टीमों ने भूकंप में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य शुरू किया। कुविवि परिसर में कुछ लोगों को मामूली तो कुछ को गंभीर चोटें आई थीं, जिन्हें तुरंत एंबुलेंस से इलाज को फ्लैट्स में लाया गया। गंभीर घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। दूसरी ओर बिजली कर्मियों ने रैमजे अस्पताल रोड में बिजली के गिरे पोल और तारों को हटाया। वही, जीजीआईसी के पास भूस्खलन की सूचना पर टीम वहां पहुंची औैर राहत व बचाव कार्य शुरू किया। भूमियाधार में गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल लाया गया।
इसके अलावा ट्रॉली में फंसे सैलानियों को भी सुरक्षित निकाला गया। इधर, डीएसए से सटे कैपिटल सिनेमा हॉल में आग लगने की सूचना पर फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजा गया। इसी तरह तल्लीताल में युवक के डूबने की खबर पर डीएम व एसएसपी एसडीआरएफ टीम के साथ नाव में सवार होकर उसे बचाने पहुंचे। लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई चंदन सिंह नेगी के नेतृत्व में 6 टीमें फांसी गधेरे स्थित गेस्ट हाउस में तैनात रहे तथा सूचना मिलते ही कार्य क्षेत्र को रवाना हो गए। भूकंप की वजह से 10 करोड़ की निजी संपत्ति व 50 करोड़ की सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ। इस मौके पर मेट्रोपोल राहत शिविर लगाया गया, जहां प्रभावितों की खाने की व्यवस्था की गई। मॉकड्रिल में जिले के विभिन्न प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।
मॉकड्रिल इनपुट
नैनीताल से आ रहे आपदा के घायलों (मॉकड्रिल) के इलाज के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल में व्यवस्थाएं चाक चौबंद थी। सात घायलों को 108 से एसटीएच लाया गया। एसटीएच में वार्ड ब्वाय स्ट्रेचर से मरीजों को इमरजेंसी में ले गए। डॉक्टरों ने घायलों का ईसीजी, पल्स रेट और ब्लड प्रेशर चेक करने के साथ ही इलाज शुरू किया। इमरजेंसी में न्यूरो, सर्जरी और आर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टर मुस्तैद थे। साथ ही कार्यवाहक एमएस डॉ. जीएस तितियाल भी मौजूद थे। घायलों के इलाज के लिए अलग से वार्ड बनाया गया था और इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर भी तैयार था। घायलों के लिए अलग से दवाओं की भी व्यवस्था की गई थी।