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होली में भिगोएगी मोदी पिचकारी

Fri, 18 Mar 2016 12:22 AM IST
धन सिंह बिष्ट / हल्द्वानी
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मोदी पिचकारी - फोटो : अमर उजाला
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लंदन आदि जगहों पर स्थित मैडम तुसाद संग्रहालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले को सजने में अभी देर हैं, लेकिन होली के बाजार में मोदी अभी से छा गए हैं। बाजार में आई मोदी पिचकारी लोगों को खूब लुभा रही है। पिचकारी में लगा मोदी का फोटो इसे अन्य पिचकारियों से अलग बना रहा है। बच्चों से लेकर बड़े मोदी की पिचकारी से पानी की बौछार करने को तैयार हो रहे हैं।
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सप्ताह भर बाद होने वाली होली के लिए बाजार में आई मोदी पिचकारी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हैं। आर्गेनिक रंगों के साथ होली बम और रेंबो फॉग को भी लोग पसंद कर रहे हैं। मीरा मार्ग में होली सामान के थोक व्यापारी हीरालाल साहू के अनुसार होली सामान की कीमतों में इस बार पिछले वर्ष की तुलना करीब दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।

फूल गुलाल, शाइनिंग गुलाल, लड़ी होली बम व होली अनार बम बाजार में नया आया है। तोता ब्रांड ने रंगों की नई वैरायटी पेश की है। ब्रांडेड रंगों की कीमत जहां 60 रुपये से लेकर 300 रुपये किलो है, वहीं खुला रंग 50 से 60 रुपये किलो में उपलब्ध है। रंगों से बालों के बचाव के लिए बच्चों की मलिंगा कैप के साथ इस बार महिलाओं के लिए छोटी व लंबी बिग और रंगीन चश्मे भी हैं। बच्चों के मास्क की भी अच्छी डिमांड है।
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               होली खेलें जेब देखकर
फूल और शाइनिंग गुलाल    10 से 20 रुपये पैकेट
ब्रांडेड रंग                        60 से 300 रुपये किलो
पिचकारी                        20 रुपये से 1400 रुपये तक
मलिंगा कैप                    100 रुपये
महिलाओं की विग            150 से 250
लड़ी बम                        250 से 400 रुपये चटाई
अनार बम                        100 रुपया पैकेट
रंबो फॉग                        300 से चार सौ पैकेट
मास्क                            150 से 300 पर मास्क
टोपी                                10 से 30 रुपये

एक टोंटी से भरेंगे 100 गुब्बारे
होली में बच्चों की पसंद गुब्बारे भी इस बार नये रूप में बाजार में हैं। आम तौर पर  गुब्बारों को पिचकारी व नल की टोंटी से भरा जाता है जिसमें अधिक समय लगता है। इस बार 100 गुब्बारों का गुच्छा उपलब्ध है जिसमें एक गुब्बारे को टोंटी में लगाया जायेगा और बांकी गुब्बारे उसके सहारे भर जाएंगे। गुच्छे की कीमत 500 रुपये है।

नेचुरल और लाइट रंगों का इस्तेमाल है बेहतर
होली में केमिकल मिले रंगों आदि से होने वाले नुकसान से बचाव के लिए डा. सुशीला तिवारी अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. सौरभ अग्रवाल प्राकृतिक और लाइट रंगों का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। डा. सौरभ के अनुसार गाड़े रंगों में केमिकल होता है जो त्वचा के साथ ही शरीर में कैंसर के कारण बन सकते हैं। सुरक्षा के लिए उनका कहना है अबीर गुलाल की होली खेलें और रंग छुड़ाने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करें तथा होली खेलने से पहले चेहरे पर तेल या मॉश्चर क्रीम का इस्तेमाल करें। अस्थमा आदि के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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