देहरादून में पुलिस ने वीडियो फुटेज की जांच में पाया कि जांबाज घोड़े ‘शक्तिमान’ पर अपनी ताकत दिखाने वाला कोई और नहीं, हल्द्वानी के कमलुआगांजा का भाजपा नेता प्रमोद बोरा था।
प्रदेश के आला पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर नैनीताल एसओजी की टीम ने भाजपा नेता को पकड़कर बृहस्पतिवार को देहरादून पुलिस के हवाले कर दिया। पता चला है कि भाजपा नेता की गिरफ्तारी के लिए सीएम ऑफिस पूरी तरह सक्रिय था और आला पुलिस अफसर के सीएमओ के संपर्क में थे।
देहरादून में भाजपा के प्रदर्शन और घेराव के दौरान पुलिस का घोड़ा शक्तिमान पिटाई के चलते घायल हो गया था। चोटिल होने के चलते उसे रिटायर होना पड़ा। इस मामले में मसूरी के विधायक सहित कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। यह मामला कई दिनों से सदन से लेकर सड़क तक छाया हुआ है। यही नहीं, देश में घटना को लेकर वीडियो भी वायरल हो गया है। पुलिस ने भाजपा नेता को गिरफ्तार करने के लिए वीडियो फुटेज का सहारा लिया।
इसमें भाजपा नेता घोड़े की लगाम खींचते हुए दिखाई दे रहा है। लगाम को पकड़ने पर घोड़ा अचानक पीछा हटा और उसके दोनों पैर गड्ढे में फंस गए। उसी दौरान घोड़े का पैर टूट गया। पुलिस ने वीडियो रिकार्डिंग की जांच की तो पाया कि शक्तिमान पर लगाम खींचने वाला कमलुआगांजा निवासी भाजपा नेता प्रमोद बोरा है। पुलिस के आला अधिकारियों ने आरोपी भाजपा नेता की गिरफ्तारी के लिए सीएम आवास को भी जानकारी दी।
सीएम आवास से हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू की। पता चला कि सीएम आफिस डीजीपी के संपर्क में था। डीजीपी ने एसएसपी स्वीटी अग्रवाल को कार्रवाई के लिए फोन किया था। आदेश मिलने के बाद एसओजी की टीम सक्रिय हो गई। सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एसओजी टीम ने रामनगर के पीरूमदारा में भाजपा नेता को हिरासत में ले लिया और देहरादून से आई पुलिस टीम को सौंप दिया। पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने पर कोई भाजपा नेता भी सामने नहीं आया। देहरादून पुलिस आरोपी को लेकर चली गई।