नैनीताल। कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से यहां संचालित रोपवे की ट्राली बुधवार की सुबह अचानक बीच रास्ते में अटक जाती है। उसके बाद हवा में लटकी ट्राली में मौजूद निगम कर्मी ट्राली में सवार सभी दस यात्रियों को बारी-बारी से रेस्क्यू करते हुए सकुशल जमीन पर उतार लेते हैं। जी हां बुधवार को ऐसा ही कुछ हुआ। लेकिन यह किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं हुआ बल्कि निगम ने आपदा की स्थिति में ट्राली में सवार सैलानियों को सुरक्षित निकालने का मॉकड्रिल किया।
निगम ने रोपवे की ट्राली में सवार सैलानियों को रस्सी के सहारे निकालने का काम बुधवार की सुबह नौ बजे से दस बजे के बीच किया। निगम की इस कार्रवाई को देख आसपास के लोगों को लगा कि ट्राली हवा में अटक गई है लेकिन जब उन्हें पता चला कि यह निगम का मॉकड्रिल है तो लोगों ने राहत महसूस की।
निगम के महाप्रबंधक एपी वाजपेयी ने बताया कि निगम के रोपवे की ट्राली में रेस्क्यू किट के उपकरण जैसे रेस्क्यू रोप, हारनेस, काराबायनर, ऑपरेटर बेल्ट, रोप लॉकिंग ग्रैब, डिसेंडर, होल्डिंग रोड, क्लिप, लॉकिंग पिन आदि रहते हैं। उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में निगम रोपवे की ट्राली से सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालने में सक्षम है। इस मौके पर रोपवे के प्रबंधक शिवम शर्मा, दीपक जोशी, भगत सिंह, हरीश पांडे, विजय कुमार, अभिषेक बोहरा, जितेंद्र, चेतन और पीयूष, एफएसएसओ चंदन लाल आदि थे।
इसी साल दस अप्रैल को झारखंड के त्रिकुट देवघर में संचालित रोपवे में हुई दुर्घटना को देखते हुए किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए समय समय पर रोपवे का परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। नैनीताल रोपवे में भी सुरक्षात्मक तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक मॉक ड्रिल कराया गया ताकि आपाद स्थिति में ट्राली में मौजूद लोगों को सुरक्षित जमीन पर उतारा जा सके। नरेंद्र सिंह भंडारी प्रबंध निदेशक कुमाऊं मंडल विकास निगम नैनीताल।