शराब के खिलाफ आंदोलन कर रही महिलाओं ने विधायक बंशीधर भगत का घेराव किया और शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विधायक ने जिलाधिकारी को महिलाओं को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को चंबल पुल के समीप शराब की दुकान का विरोध कर रही दर्जनों महिलाएं विधायक वंशीधर भगत के ऊंचा पुल स्थित आवास पर पहुंची। यहां उन्होंने विधायक का घेराव करते हुए कहा कि शराब की दुकान खुलने से मोहल्ले की महिलाओं का निकलना दूभर हो गया है। युवा पीढ़ी को नशे के लिए उकसाया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया कि जब वह दुकान का विरोध करती है तो शराब माफिया के गुर्गे उनके साथ अभद्रता व जान से मारने की धमकी देते हैं। उन्होंने विधायक से शराब की दुकान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर विधायक ने डीएम से वार्ता कर महिलाओं से अभद्रता करने वालों को सबक सिखाने के निर्देश दिए। इस दौरान सरोज खर्कवाल, पुष्पा गड़िया, नंदा मर्तोलिया, नीमा, जयंती मर्तोलिया, नंदा देवी आदि मौजूद थीं। इधर, महिलाओं ने इस बाबत सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय को भी ज्ञापन सौंपा। वहीं बुधवार को दर्जनों महिलाएं दुकान के सामने बैठ गई और आने जाने वालों को भी भगा दिया। उन्होंने दिन भर शराब की बिक्री नहीं करने दी है हालांकि देर सायं महिलाओं के हटते ही शराब की बिक्री शुरू हो गई।
समझा करो, अपनी ही सरकार है, धरने में कैसे आऊंगा
हल्द्वानी। शराब बिक्री का विरोध जताने पहुंची महिलाओं के सामने कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत की सियासी मजबूरी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। प्रदेश में भाजपा सरकार एक तरफ शराब को राजस्व की निगाह से देख रही है तो दूसरी तरफ शराब के चौतरफा विरोध को देखते हुए उसके कदम भी ठिठक रहे हैं। ऐसे में सत्ता पक्ष के विधायक बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में हैं। कुछ दिन पहले ही भगत क्षेत्र में शराब का विरोध जताने के लिए आयोजित एक धरने में शामिल भी हुए थे। उस समय विधायक का कहना था कि यह धरना अवैध शराब की बिक्री के विरोध में दिया जा रहा है। बुधवार को उनके आवास पर कई महिलाएं ने पहुंचकर उनसे धरना स्थल पर आने का आग्रह किया तो भगत पशोपेश में पड़ गए। भगत को कहना पड़ा कि अपनी ही सरकार है, पार्टी का विधायक हूं, कैसे आ सकता हूं।