भूजियाघाट में कपूर दंपति बिल्ली के साथ। संवाद न्यूज एजेंसी
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। भुजियाघाट के एक रिजॉर्ट से लापता हुई बंगलूरू के पर्यटक की बिल्ली चार माह बाद मिल गई, लेकिन इस पर उनके करीब ढाई लाख रुपये खर्च हो गए।
बंगलूरू निवासी पर्यटक हर्ष कपूर पिछले वर्ष एक अक्तूबर को अपनी पत्नी भव्या कपूर और दो पालतू बिल्लियों (लियो और कोको) के साथ तीन दिन के लिए नैनीताल घूमने आए थे। इस दौरान वह हल्द्वानी रोड पर भुजियाघाट के समीप सूर्यागांव में बने एक रिजॉर्ट में रुके, जहां कपूर दंपति ने अपनी दोनों बिल्लियों को भी रिजॉर्ट के पार्क में घूमने के लिए छोड़ा, लेकिन इस दौरान एक कुत्ते के डर से एक बिल्ली (लियो) रिजॉर्ट परिसर से जंगल की ओर लापता हो गई। अपनी बिल्लियों से बेहद प्यार करने वाले कपूर दंपति ने छुट्टियां तीन दिन और बढ़ाकर लियो की आसपास के जंगल में काफी तलाश की। साथ ही उन्होंने बिल्ली के ढूंढने वाले या पता बताने वाले को पांच हजार रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की, लेकिन तमाम गांव वालों और रिजॉर्ट के कर्मियों के प्रयास के बावजूद लियो नहीं मिल सकी।
उसके बाद दंपति मायूस होकर 10 अक्तूबर को बंगलूरू लौट गए, लेकिन वहां जाकर भी उनका मन अपनी बिल्ली के लिए बेचैन रहा और वे लगातार रिजॉर्ट से जुड़े लोगों से संपर्क में रहे। इधर 21 जनवरी को किसी ग्रामीण को बिल्ली दिखाई दी। इसकी सूचना कपूर दंपति को दी गई। कपूर दंपति 25 जनवरी को फ्लाइट से यहां पहुंचे। जहां दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें मंगलवार की रात उनकी बिल्ली लियो जंगल से लगे एक खंडहरनुमा मकान में मिल गई। इससे उन्होंने राहत की सांस ली। लियो को पाकर कपूर दंपति गदगद हो गए।
हर्ष कपूर का कहना है कि वैसे तो लियो और कोको सामान्य बिल्लियां हैं, लेकिन दोनों उन्हीं के घर में पैदा हुईं। इस कारण उनका उनसे गहरा पारिवारिक लगाव है। वे जहां भी जाते हैं, बिल्लियों को भी साथ ले जाते हैं। लियो के गायब होने से वे बेहद परेशान थे। रिजॉर्ट के संचालक विकास किरौला ने बताया कि लियो की खोजबीन में फ्लाइट, टैक्सी, होटल आदि पर कपूर दंपति के करीब ढाई लाख रुपये खर्च हो गए है।