नैनीताल। बढ़ती गर्मी के साथ जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं जिससे वन विभाग की चिंता भी बढ़ गई है। सोमवार देर शाम देवीधूरा और जमीरा गांव के बीच जंगल में आग लगने से क्षेत्र में खलबली मच गई। बताया जा रहा है कि किसी अराजक तत्व ने जंगल में आग लगाई गई जो कुछ ही देर में फैलने लगी। आग रिहायशी क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी तो ग्रामीणों में दहशत फैल गई। स्थिति को भांपते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीणों और फायर वाॅचरों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। उनकी तत्परता के चलते आग को रिहायशी इलाके तक पहुंचने से पहले ही काबू कर लिया गया जिससे बड़ा हादसा टल गया। वन विभाग की एसडीओ ममता चंद ने बताया कि जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
वनाग्नि रोकने के लिए तैयार की फायर लाइन
पहाड़पानी (नैनीताल)। उत्तरी गौला वन क्षेत्र के तहत वन क्षेत्राधिकारी विजय चंद्र भट्ट के नेतृत्व में मंगलवार को दड़माने बीट के तहत पैदल और मोटर मार्ग के किनारे वनाग्नि सुरक्षा का कार्य किया गया। वनाग्नि रोकने के लिए फायर लाइन तैयार की गई। फायर वाचरों को आग बुझाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस दौरान वन दरोगा पूरन चंद्र मेलकानी, नीरज नेगी, किशन रावत, संजय शर्मा आदि मौजूद रहे।
जंगल में कूड़ा-प्लास्टिक से आग का खतरा
नैनीताल। बढ़ती गर्मी के बीच नैनीताल के जंगलों में फेंके जा रहे कूड़े और प्लास्टिक से आग का बड़ा खतरा बन गया है। उच्च अधिकारियों ने वन विभाग को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल-हल्द्वानी सड़क और कालाढूंगी सड़क पर कई दुकानों, रेस्टोरेंट और फूड वैन संचालकों की ओर से खुलेआम कचरा व प्लास्टिक जंगलों की ओर फेंका जा रहा है। एसडीओ ममता चंद ने बताया कि कई स्थानों पर सड़क किनारे कचरा व प्लास्टिक जंगलों में फेंका गया है। उन्होंने वन क्षेत्राधिकारियों को कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।