महिला बंदियों से राखी बंधवाने जेल पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री के समर्थकों ने जेल के नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। जेल प्रशासन ने भी सारे कायदे कानून ताख पर रख दिए। जेल की सुरक्षा में जरूरी नियमों का कोई पालन नहीं किया गया।
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि आज अनियमितता पर बात नहीं होगी, रक्षाबंधन पर्व है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक भी इस सारे मामले को दरकिनार कर यह कह गए कि आज अनियमितता पर सवाल पूछना ठीक नहीं।
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत सोमवार दोपहर समर्थकों के साथ उप कारागार पहुंचे। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के निर्देश पर मंत्री के लिए जेल का पूरा फाटक खोल दिया गया। मंत्री के साथ भाजपा से जुड़े विजय मनराल, सचिन शाह, चंदन बिष्ट, प्रकाश रावत, विपिन मेहता, बीना जोशी सहित 10 से अधिक समर्थक अंदर मोबाइल लेकर घुस गए।
जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट पहले से ही अंदर गए थे। जेल अधीक्षक के कमरे में बातचीत करने के बाद मंत्री समर्थकों के साथ महिला बंदियों से राखी बंधवाने के लिए अंदर चले गए। किसी समर्थक ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं किए और न ही ठप्पे लगवाए। समर्थकों का मोबाइल भी बाहर नहीं रखवाया गया।
करीब 20 मिनट के बाद समर्थकों के साथ मंत्री लौट गए। बाहर निकलने पर मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि उनकी सरकार संवेदनशील है। सैनिकों के अलावा उन्होंने पार्टी कार्यक्रम के तहत जेल में बंद 30 महिला बंदियों से राखी बंधवाने का निर्णय लिया।
मंत्री ने कहा कि आज अनियमितता पर बात करने का समय नहीं, रक्षाबंधन का पर्व है। इधर, सुरक्षाकर्मियों के बीच इस मामले की चर्चा थी। लेकिन जेल अधीक्षक भी खुद विरोध नहीं कर रहे थे। इसी कारण सुरक्षाकर्मियों ने भी चुप्पी साध ली। जेल अधीक्षक ने सिर्फ पत्रकारों को अंदर जाने से रोका था।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या अनियमितता के सवाल को सुनते ही तमतमा गए। उन्होंने कहा कि यहां अनियमितता का सवाल पूछना ही गलत है।
मंत्री के चलते धूप में खड़ी रहीं बहनें
मंत्री धन सिंह रावत के आगमन के चलते जेल के सुरक्षाकर्मियों ने जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए दूर-दूर से आई बहनों को बाहर रोक दिया। वे धूप में मंत्री के बाहर आने का इंतजार कर रही थी।
मंत्री जब जेल से बाहर निकले तो महिलाओं के हाथों पर ठप्पे मारकर प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू की गई। महिलाओं को लाइन में खड़ा देखकर मंत्री झेंप गए। मंत्री महिलाओं के समक्ष हाथ जोड़ते हुए आगे निकल गए।