लालकुआं गौला में रहने वाले मजदूरों के आगे कोरोना संकट।
- फोटो : LALKUAN
लालकुआं/चोरगलिया (नैनीताल)। कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन की वजह से गौला नदी के विभिन्न गेटों पर दो हजार से ज्यादा मजदूर फंसे हैं। यातायात बंद होने की वजह से वे कहीं जा नहीं पा रहें हैं। साथ ही उनके सामने दो वक्त की रोटी जुटाने का भी संकट आ गया है।
प्रशासन की ओर से अब तक इन्हें कोई मदद नहीं मिल पाई है। वन विकास निगम के डीएलएम वाईके श्रीवास्तव का कहना है कि खनन मजदूर यहां स्थायी रूप से रहते हैं और अधिकांश श्रमिक वाहन स्वामियों से जुडे़ हुए हैं। श्रमिकों की भोजन व्यवस्था के बारे पूछने पर उन्होंने बताया कि वन विकास निगम के पास इसकी व्यवस्था करने के लिए कोई फंड नहीं है।
वहीं, एसडीएम विवेक रॉय ने कहा कि डीएम के निर्देश के अनुसार श्रमिकों के खानपान और चिकित्सा संबंधित व्यवस्था की जिम्मेदारी उन्हें यहां बुलाने वाले ठेकेदारों और खनन व्यवसायियों की है। उधर, गौला मजदूरों के ठेकेदार का कहना है कि वह स्वयं ही मजदूर हैं और जब उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है तो वह मजदूरों का ख्याल कैसे रखेंगे। वहीं, नंधौर के श्रमिकों का भी यही हाल है।
नंधौर में 800 श्रमिक फंसे हुए हैं। नंधौर के डीएलम केके उपाध्याय का कहना है कि वन विकास निगम वेलफेयर फंड से पहले ही श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है साथ ही उन्हें जूते, मास्क आदि सामग्री बांटी जा चुकी है। साथ ही उनके लिए टैंकरों से पानी की व्यवस्था भी की जा रही है। उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी उन्हें यहां लाने वालों की है। संवाद