हल्द्वानी। पुलिस प्रशासन ने बुधवार को नवीन थोक मंडी में सब्जी और फल का फुटकर कारोबार बल पूर्वक बंद करवा दिया। विरोध करने पर कारोबारियों पर लाठियां भांजी गई और भीड़ को खदेड़ दिया गया। एक व्यापारी को हिरासत लिया गया जिसे बाद में चौकी से छोड़ दिया गया। मंडी प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन के मामले में तीन आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। थोक मंडी में पूरी तरह से फुटकर कारोबार को बंद करने का एलान किया गया है।
बुधवार सुबह सात बजे थोक मंडी खुलने पर मंडी समिति ने बाहरी लोगों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया था, इसके बावजूद कुछ व्यापारियों द्वारा सब्जी का फुटकर कारोबार किया जा रहा था। सुबह करीब आठ बजे सिटी मजिस्टेट प्रत्यूष सिंह, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव मंडी सचिव विश्वविजय सिंह देव को साथ लेकर पहुंचे और फुटकर कारोबार करने पर आपत्ति जताई। इस पर आढ़ती और कुछ व्यापारी सिटी मजिस्टेट से उलझ गए। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने अधिकारियों से अभद्रता भी की।
अधिकारियों ने विरोध कर रहे व्यापारियों और उनके समर्थकों पर लाठियां भांजकर खदेड़ दिया। इससे मंडी परिसर में भगदड़ मच गई। कुछ व्यापारी तो अपनी दुकानों में छिप गए। बाद में मंडी परिसर को पूरी तरह खाली करवा दिया गया और मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। प्रशासन एवं मंडी समिति की इस कार्रवाई के दौरान मंडी निरीक्षक नवीन चंद्र मठपाल, भुवन चंद्र गोस्वामी, सौरभ डंगवाल आदि मौजूद रहे। मंडी चौकी इंचार्ज मुनव्वर हुसैन ने बताया कि लाइन नंबर 17 निवासी आढ़ती को हिरासत में ले लिया गया था जिसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
इनमे लाइसेंस हुए निलंबित
मंडी सचिव विश्वविजय सिंह देव के मुताबिक मैसर्स सुंदर लाल मौर्य एंड संस, मिकरानी एंड ब्रदर्स तथा नाजिर एंड संस थोक व्यापारियों द्वारा फुटकर में उत्पाद बेचे जाने पर तीनों फर्मों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
फुटकर कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाएं: मंडी अध्यक्ष
मंडी समिति अध्यक्ष मनोज साह ने बुधवार को मंडी का निरीक्षण कर थोक मंडी परिसर में फुटकर कारोबार न होने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी के राशन व्यापारियों से अपील की कि वे निर्धारित समय में अपने प्रतिष्ठान खोलकर कर आम जनमानस को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराएं।
थोक मंडी में भीड़ एकत्र हो गई थी, इस कारण सख्ती करनी पड़ी। थोक मंडी में फुटकर कारोबार की वजह से सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा होने के कारण कोरोना संक्रमण से बचाव संबंधी गाइड लाइन का पालन भी नहीं हो पा रहा था।
- प्रत्यूष सिंह सिटी मजिस्ट्रेट