रामनगर के कालूसिद्ध गेट पर बाइक से छापेमारी के बाद पकड़ा गया डंपर।
रामनगर। एक सप्ताह से कालूसिद्ध खनन गेट का कांटा खराब चल रहा था। ऐसे में फर्जी रॉयल्टी पर्ची से वाहनों को निकाला जा रहा था। सूचना पर डीएफओ और एसडीओ ने बाइकों से मौके पर पहुंचकर छापा मारा। टीम ने दो डंपर और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लिया।
एक सप्ताह पहले खराब हुआ कोसी नदी के कालूसिद्ध खनन गेट का कांटा अब तक ठीक नहीं कराया जा सका है। ऐसे में खनन वाहनों को फर्जी रॉयल्टी पर्ची देकर निकाला जा रहा था। इसकी शिकायत मिलन पर मंगलवार को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ व एसडीओ ने छापा मारने की योजना बनाई। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य एक बाइक पर और दूसरी बाइक पर एसडीओ मनीष जोशी व वन दरोगा कैलाश छिम्वाल सवार होकर कालूसिद्ध गेट पर पहुंचे। उनके गेट पर पहुंचते ही वहां पर खलबली मच गई। डीएफओ ने फर्जी रॉयल्टी काट रहे लोगों को फटकार लगाते हुए दो डंपर और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में लिया।
दोपहर तक 50 वाहन निकल चुके थे
एसडीओ मनीष जोशी ने बताया कि वे लोग दोपहर 1:45 बजे कालूसिद्ध गेट पर पहुंचे थे। तब तक 50 के आसपास खनन वाहन वहां से निकल चुके थे। कांटा खराब होने के बाद भी फर्जी रॉयल्टी पर्ची दी जा रही थी। इसकी शिकायत वन विभाग के आला अधिकारियों से दी गई है। अनुमान है कि करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है। दूसरी ओर, वन विकास निगम के डीएलएम खनन रामकुमार ने बताया कि जिन वाहनों को पकड़ा गया है, उनके पास टोकन था। उन्होंने कहा कि गेट पर दो कांटे है, इनमें से एक ही खराब है। दूसरे कांटे से वाहनों को तौल कर निकाला जा रहा था। संवाद