रामनगर। मारपीट प्रकरण के चलते रामनगर के तीन खनन गेटों पर बृहस्पतिवार को खनन कार्य ठप रहा। एक भी गेट से खनन निकासी नहीं हुई। हालांकि कारोबारियों ने एक सप्ताह के भीतर निष्पक्ष जांच कर शुक्रवार से खनन कार्य शुरू करने की बात कही है। खनन नहीं होने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान हुआ है।
रामनगर में खनन कारोबारियों ने वन निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मारपीट प्रकरण के चलते कारोबारियों ने खनन कार्य ठप रखा। इससे खड़ंजा, कठियापुल, कालूसिद्ध खनन गेट से एक भी गाड़ी रेता-बजरी लेकर बाहर नहीं निकली। उन्होंने गेट पर पहुंचकर रेंजर पर पथराव और मारपीट की घटना से इनकार किया। उसके बाद कारोबारियों ने रेंजर सहित अन्य के खिलाफ कोतवाली में तहरीर भी दी है। कहा कि वे जस्सागांजा, उदयपुरी और धर्मपुर टांडा निवासी हैं। बुधवार को खड़ंजा गेट पर एक निजी कार में आए कुछ लोग खनन वाहन चालकों के साथ अभद्रता करने लगे। उन्होंने वाहन चालकों के साथ मारपीट भी की।
इस दौरान वनकर्मियों और रेंजर के साथ पथराव की घटना नहीं हुई। खनन कारोबारियों ने बताया कि कार को बाजपुर निवासी युवक चला रहा था। उनके साथ रामनगर रेंज के रेंजर भी सवार थे। कहा कि खनन कारोबारियों में भय बना हुआ है। आरोप लगाया कि उनसे अवैध वसूली करने की कोशिश की जा रही है। कोतवाली में तहरीर देने वालों में दीपू, उमेश सिंह, प्रेम चंद्र, मनोज जोशी, जगमोहन रावत, मोहन सिंह, देवेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, सुभाष, मनोज जोशी आदि थे। संवाद
निगम ने सभी खनन गेट खोले हैं। बृहस्पतिवार को कालसूद्धि गेट पर 25 गाड़ियां पहुंची थी। पर गेट के अंदर खनन निकासी के लिए एक भी वाहन ने प्रवेश नहीं किया। शुक्रवार को भी सामान्य दिनों की तरह सभी गेट खनन के लिए खुले रहेंगे।
अनीस अहमद, डीएलएम वन निगम
पुलिस और वन विभाग एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं। खनन कारोबारियों का उत्पीड़न करने के साथ उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। फिलहाल एक सप्ताह का अल्टीमेटम देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। एक हफ्ते के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
भगीरथ लाल चौधरी, खनन कारोबारी