हल्द्वानी। इस सत्र में लॉकडाउन के कारण श्रमिकों की कमी और विरोध के चलते शासन ने पट्टे पर मशीनों से खनन करवाने का फैसला लिया है।
कोरोना संक्रमण के कारण लागू किए गए लॉकडाउन में पहले जिले की नदियों में खनन बंद हुआ। इसके बाद सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए लॉकडाउन के बीच ही खनन शुरू करने का निर्णय लिया लेकिन श्रमिक घर वापसी करने लगे। खनन खुलने के बाद जमरानी क्षेत्र में ग्रामीणों ने पट्टे पर खनन का विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि गौला, नंधौर, जमरानी आदि में मजदूर बिना मास्क और सैनिटाइजर के खनन करेंगे तो क्षेत्र में कोरोना संक्रमण फैल सकता है।
नैनीताल जिले में वन विकास निगम जहां गौला, नंधौर, कोसी और दाबका नदी में खनन करता है। वहीं कुमाऊं मंडल विकास निगम जमरानी और बेतालघाट में पट्टे पर खनन करवाता है। खनन से वन निगम के साथ ही केएमवीएन भी सरकार को बड़ा राजस्व देता है। हालांकि अब मशीनों से खनन करवाने की तैयारी की गई है।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ने आदेश जारी किए हैं जिसमें 100 हेक्टेयर तक के पट्टे पर 15 जून तक मशीनों से खनन कार्य किया जा सकता है। इससे पूर्व मशीनों से खनन करना प्रतिबंधित था। माना जाता था कि मशीनों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ ही अवैध खनन भी बढ़ जाता है।