हल्द्वानी। गौला नदी में अभी खनन ने रफ्तार नहीं पकड़ी है, लेकिन अवैध खनन करने वालों ने ओवरलोडिंग का खेल शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जिला प्रशासन, परिवहन और वन निगम की टीम ने आंवला गेट पर छापा मारकर ओवरलोड नौ खनन वाहनों को पकड़ा। सभी वाहनों की एक दिन की निकासी पर प्रतिबंध लगाया गया है।
सितंबर में गौला नदी में प्रशासन ने खनन शुरू करवा दिया था, लेकिन खनन अब तक अपेक्षा के अनुरूप रफ्तार नहीं पकड़ पाया। शुरुआत में जहां बाहरी मजदूरों की कमी और खनन वाहनों के नवीनीकरण नहीं होने को इसका कारण बताया जा रहा था, वहीं अब क्रशरों द्वारा उपखनिज की खरीद नहीं करने को कारण बताया जा रहा है। फिलहाल नदियों से रेत का ही उठान हो रहा है। लेकिन, इसके बाद भी उपखनिज की चोरी करने वाले कुछ खनन कारोबारियों ने ओवरलोड का खेल शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को ओवरलोडिंग की शिकायत पर प्रशासन, परिवहन और वन निगम की टीम ने आंवला चौकी गेट पर छापा मारा। इस दौरान टीम को नौ खनन वाहन ओवरलोड मिले, जिन पर कार्रवाई करते हुए टीम ने उनकी एक दिन की निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया है। बताया जा रहा है कि ओवरलोड में पकड़े गए वाहनों में 150 क्विंटल तक माल भरा था, जबकि वन निगम 108 क्विंटल तक ही अनुमति देता है।
बगैर लाइसेंस एक गाड़ी सीज, छह का चस्पा चालान
हल्द्वानी। एक तरफ जहां प्रशासन, वन विभाग और निगम अवैध खनन पर रोकथाम लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई की बात कहा रहा है, वहीं गौला में कई वाहन बगैर लाइसेंस और कागजात के निकासी कर रहे हैं। शुक्रवार को आंवला गेट पर ही परिवहन विभाग की चेकिंग में एक चालक बगैर लाइसेंस के मिला, जिसकी गाड़ी को सीज किया गया है, वहीं छह वाहनों पर चस्पा चालान की कार्रवाई की गई।
रॉयल्टी जमा करने लगे क्रशर संचालन, जल्द शुरू हो सकती है खरीद
हल्द्वानी। खनन कारोबार में जल्द ही तेजी आने के आसार हैं। पूर्व में जहां रॉयल्टी अधिक होने की बात कहकर क्रशर संचालक उपखनिज खरीदने के विरोध में थे, वहीं अब कुछ स्टोर क्रशर संचालक माल खरीदने की तैयारी में हैं। डीएलएम वन निगम जेपी भट्ट ने बताया कि कुछ स्टोन क्रशरों द्वारा माल खरीदने के लिए रॉयल्टी जमा की गई है। क्रशरों के माल खरीदने के बाद खनन में तेजी आएगी।
शुक्रवार को प्रशासन और परिवहन विभाग की टीम के साथ आंवला गेट पर छापा मारा गया। यहां नौ वाहन ओवरलोड मिले, जिनकी एक दिन की निकासी रोकी गई है। आगे भी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -जेपी भट्ट डीएलएम गौला वन निगम।