प्रशासन, खान विभाग की टीम ने गौजाजाली इलाके में छापेमार कार्रवाई की। मौके से पांच स्टाकिस्ट फरार हो गए। जबकि तीन स्टॉक पूरी तरह अवैध पाए गए। यहां पर तीन स्टाकिस्टों के पास हजारों घनमीटर खनिज अवैध भंडारण पाया गया है। इन पर करीब दस करोड़ का जुर्माना लगाया गया है।
राष्ट्रपति शासन लगने के बाद खनन, भंडारण को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। इसी के तहत एसडीएम पंकज उपाध्याय और उप निदेशक खनन राजपाल लेघा के निर्देशन में संयुक्त टीम ने इंद्रानगर, गौजाजाली बिचली और हरिपुर पूर्णानंद (गोरा पड़ाव क्षेत्र) में छापा मारा। उप निदेशक राजपाल लेघा का कहना है कि नईम अहमद, उत्तराखंड स्टोन क्रशर के बाहर के परिसर में दो जगह खनिज स्टॉक मिला है। इन तीनों के पास पहले स्टाक की अनुमति थी, जो बाद में खत्म हो गई।
इन तीनों स्टॉक में 50 हजार घनमीटर अवैध खनिज पाया गया है। जिन पर करीब दस करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा पाल स्टोन क्रशर, विंध्यवासनी, जमाल अहमद, नईम अहमद, आजाद ट्र्रेडिंग कंपनी के स्टाकों पर छापे मारे। यह स्टाकिस्ट मौके से मौके से भाग खड़े हुए हैं। ऐसे में उनके अभिलेखों में दर्ज स्टॉक और मौके पर मिले स्टॉक का मिलान नहीं हो सका है। इन पांचों स्टॉकों में खनिज की नपत की गई है। यहां पर करीब 36 हजार घनमीटर खनिज पाया गया है। इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम पंकज उपाध्याय का कहना है कि लगातार खनन वाले इलाकों और स्टाकों में कार्रवाई चल रही है।
नहीं आया पैरवी को फोन
हल्द्वानी। आमतौर पर छापामार कार्रवाई शुरू होते ही अधिकारियों के फोन बजने लगते थे। इसमें कार्रवाई को हल्का रखने से लेकर दूसरे तरह के दबाव और जुगाड़ दोनों लगते थे। पर इस बार की कार्रवाई में कोई भी फोन अधिकारियों के पास न आने की बात कही जा रही है। जबकि कार्रवाई घंटों तक चली। टीम में सर्वेयर विनोद पांडे आदि शामिल थे।