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UK: पुलिस समझाती रही...प्रदर्शनकारी अड़े रहे, सड़क पर बैठकर नारेबाजी; छह घंटे में छह बार हाईवे जाम का प्रयास

Mon, 10 Aug 2026 11:31 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

रुद्रपुर में अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित वाल्मीकि समाज के लोग सोमवार को सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने करीब छह घंटे तक छह बार हाईवे जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने हर बार मिनटों में सड़क खाली करा दी। 
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हाईवे पर बैठे लोगों को हटाते पुलिस कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रुद्रपुर में अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने से भड़का आक्रोश सोमवार को सड़क पर उतर आया। वाल्मीकि समाज के लोगों ने करीब छह घंटे तक छह बार हाईवे जाम करने की कोशिश की। मिनट-मिनट के अंतराल में पुलिस ने सड़क खाली करा दी। इस दौरान कोतवाली में बैरिकेडिंग गिरी लेकिन बल प्रयोग से खाकी बचती रही।

सोमवार सुबह नगर निगम परिसर में शुरू हुआ प्रदर्शन करीब ढाई घंटे तक चला। वार्ता के बाद भी जब गिरफ्तारी को लेकर सहमति नहीं बनी तो प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए। कोतवाली की ओर बढ़ते हुए उन्होंने रास्ते में कई बार सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। इससे कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह थम गया। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की लेकिन कुछ देर बाद फिर वही स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों के लगातार सड़क पर बैठने से पुलिस के सामने दोहरी चुनौती रही। एक ओर आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करना था तो दूसरी ओर हाईवे पर यातायात व्यवस्था बनाए रखना था। सीमित पुलिस फोर्स के बीच पुलिसकर्मी लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाते रहे। इसके बावजूद गिरफ्तारी की मांग पर प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। खास बात यह रही कि बार-बार हाईवे जाम होने और पुलिस से नोकझोंक की स्थिति बनने के बावजूद खाकी ने संयम नहीं खोया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज या बल प्रयोग नहीं किया। पुलिसकर्मी बातचीत के जरिये स्थिति सामान्य करने और यातायात बहाल कराने में जुटे रहे।

चुनाव में भाजपा का विरोध किया जाएगा

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कोतवाली में प्रदर्शन के दौरान वाल्मीकि समाज की महिलाओं ने पुलिस व सरकार के खिलाफ जमकर नाराजगी की। महिलाओं ने कहा कि अगर समाज के युवकों को न्याय नहीं मिला तो आने वाले चुनाव में भाजपा का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब उनके मोहल्लों में आने वाले भाजपा नेताओं का भी विरोध किया जाएगा।

महिलाओं के बाल खींचने का आरोप, कांग्रेस नेत्रियों ने दिखाईं चूड़ियां
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता उमा सरकार ने पुलिस पर महिलाओं के साथ झड़प के दौरान बाल खींचने का आरोप लगाया। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। घटना के विरोध में कांग्रेस की महिला नेताओं ने कोतवाली के बाहर धरना दिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चूड़ियां दिखाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस महिलाओं को निशाना बना रही है। महिला नेताओं ने कहा कि पुलिस को महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।

महिला सिपाही पर अभिषेक की बहन को थप्पड़ मारने का आरोप

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कोतवाली में चल रहे प्रदर्शन के दौरान घायल अभिषेक वाल्मीकि की बहन को महिला पुलिसकर्मी के कथित तौर पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसको लेकर पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा था, ऐसे में महिलाओं के साथ पुलिस को संयम से पेश आना चाहिए। हालांकि महिला सिपाही की ओर से थप्पड़ मारने के आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बाबा साहेब की तस्वीर लेकर पहुंचे भीम आर्मी कार्यकर्ता
वाल्मीकि समाज के प्रदर्शन में भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कार्यकर्ता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लेकर कोतवाली पहुंचे और जय भीम के नारे लगाए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

प्रदर्शनकारियों के आगे पुलिस के छूटे पसीने, फोर्स भी पड़ी कम
कोतवाली की बढ़ती संख्या के सामने सोमवार को पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि कोतवाली और आसपास के क्षेत्र में करीब 40 से 45 पुलिसकर्मी ही मौजूद थे। इसके अलावा पांच कोतवाल, दो सीओ और एसओजी भी तैनात रही। कई पुलिसकर्मियों की ड्यूटी कांवड़ यात्रा में लगी होने के कारण स्थानीय स्तर पर फोर्स कम थी।

प्रदर्शन में पहुंचे भाजपा-कांग्रेस के नेता, अलग-अलग सुरों में दिखा समर्थन
प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं के साथ भाजपा के कुछ नेता भी पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित पक्ष के समर्थन में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। वहीं भाजपा के पूर्व नेता रामपाल सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। नेताओं ने अपने-अपने स्तर से पीड़ित पक्ष से बातचीत की और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की बात कही।

पुलिस का दावा- सीसीटीवी में मामला मारपीट नहीं, हादसा नजर आ रहा
कोतवाली में प्रदर्शन के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अधिकारियों से बातचीत भी हुई। इस दौरान पुलिस की ओर से बताया गया कि घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज में प्रथम दृष्टया मामला मारपीट के बजाय सड़क हादसे यानी एक्सीडेंट का नजर आ रहा है। पुलिस के अनुसार फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने कैसे मारी स्कूटी को टक्कर, फुटेज वायरल
भाजपा नेता और उसके भाई पर मारपीट के आरोपों से जुड़े मामले में शुक्रवार देर रात की घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फुटेज में सड़क पर तेज रफ्तार से आती स्कॉर्पियो स्कूटी को टक्कर मारती नजर आ रही है। टक्कर के बाद स्कूटी सवार सड़क पर गिरते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज सामने आने के बाद घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना काशीपुर फ्लाईओवर के पास की है। हादसे के बाद स्कूटी सवार युवकों और स्कॉर्पियो सवारों के बीच विवाद होने की बात सामने आई थी। इसी मामले में बाद में मारपीट और लोहे की रॉड से हमला करने के आरोप लगाए गए। वायरल फुटेज में टक्कर का घटनाक्रम तो दिखाई दे रहा है लेकिन इसके बाद हुई कथित मारपीट की स्थिति इस फुटेज में स्पष्ट नहीं है।

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