हल्द्वानी। मेडिकल कालेज में स्थित अस्थायी अस्पताल और वायरोलॉजी लैब कर्मियों को सेवा विस्तार नहीं मिला है। इन दोनों जगहों पर विभिन्न पदों पर सौ से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया था। इन्हें हर माह करीब बीस लाख तक वेतन दिया जाता है।
पिछले साल कोविड मरीजों की संख्या बढ़ी थी। इसके बाद बीमारी से निपटने के लिए मेडिकल कालेज परिसर में डीआरडीओ के सहयोग से पांच सौ बेड का अस्थायी अस्पताल तैयार किया गया था। इस अस्पताल के संचालन के लिए नर्स, डेटा इंट्री आपरेटर, फार्मेसिस्ट, सुरक्षा कर्मी आदि को तैनात किया गया था, इनकी संख्या करीब सत्तर थी। इसी तरह कोविड की ज्यादा जांच एक समय में करने के लिए वॉयरोलॉजी लैब में साइंटिस्ट, तकनीशियन, डाटा इंट्री आपरेटर समेत अन्य पदों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया था। इन कर्मियों के वेतन पर करीब बीस लाख प्रतिमाह वेतन दिया जाता था। इन कर्मियों का सेवा काल दो दिन बाद समाप्त हो रहा है। इनका सेवा विस्तार नहीं हुआ है। मेडिकल कालेज प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि संबंधित कर्मियों को अस्थायी अस्पताल आदि जगह पर तैनात किया गया था, इन कर्मियों के आगे सेवा विस्तार संबंधी शासन से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ। आगे जैसे भी निर्देश होंगे, उसी क्रम में आगे की कार्रवाई होगी।