मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तीन सदस्यों की टीम ने बुधवार को डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को जांचा-परखा। टीम ने संकाय सदस्यों के प्रमाण पत्र की भी जांच की। माना जा रहा है कि पिछले दिनों एमसीआई टीम के निरीक्षण के नाम पर सैरसपाटे की शिकायत के कारण अब दोबारा यह टीम निरीक्षण के लिए आई है।
एमबीबीएस की सौ सीटों की पुन: मान्यता के लिए एमसीआई की टीम द्वारा पूर्व में निरीक्षण किया गया था। उस दौरान कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि एमसीआई टीम निरीक्षण के नाम पर औपचारिकता पूर्ण कर सैरसपाटे पर पहाड़ चली गई थी। यह मामला उछलने पर एमसीआई द्वारा कुछ बिंदुओं पर आपत्ति लगा दी गई थी।
इसी क्रम में एमसीआई के तीन सदस्यों के दल ने बुधवार को एसटीएच एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। टीम में डॉ. एसके मोहंती, डॉ. आकाश जी. वानखांडे, डॉ. गुलाब कुंवर ने आईसीयू, विभिन्न समस्त वार्ड, ब्लड बैंक, पुस्तकालय, टीचिंग कक्ष, रेडियोलॉजी विभाग, आपातकालीन विभाग, मेडिकल रिकॉर्ड सेक्शन, ऑपरेशन थिएटर, लेक्चर थिएटर, पुरुष एवं महिला छात्रावास, संकाय सदस्यों के बैठने के कक्षों आदि का निरीक्षण किया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएम एस रावत ने बताया कि एमबीबीएस कोर्स के लिए कॉलेज की व्यवस्थाओं की हर पांच साल बाद एमसीआई की टीम निरीक्षण करती है। निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट एमसीआई में देती है, तभी कोर्स को पुन: मान्यता मिलती है। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके पांडे, पीआरओ आलोक उप्रेती आदि थे।