हल्द्वानी एफटीआई मैदान में एमबीपीजी कॉलेज के वार्षिकोत्सव समारोह के दौरान लम्बी कूद में पदक विज
एमबीपीजी कॉलेज की दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता बृहस्पतिवार को एफ टीआई के खेल मैदान में शुरू हुईं। पहले दिन 5000 मीटर दौड़ में रमेश और नीलम लोधियाल ने पहला स्थान प्राप्त किया। 800 मीटर दौड़ में नेहा अधिकारी और चेतन बिष्ट ने बाजी मारी। गोला फेंक, चक्का फेंक, लंबी कूद और ऊंची कूद प्रतियोगिताएं भी हुईं।
प्रतियोगिताओं का उद्घाटन पूर्व उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मलकानी और पूर्व अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी एनएस रावत ने किया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. बीना खंडूरी ने की। क्रीड़ा प्रभारी डॉ. पुष्कर गौड ने क्रीड़ा विभाग की वार्षिक आख्या प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. कमला पंत और डॉ. सुचिता साह मेहता ने किया। इस दौरान डॉ. कमरुद्दीन, डॉ. संजय खत्री, डॉ. सुरेश टम्टा, डॉ. अलका शर्मा, डॉ. एपी सिंह, डॉ. भुवन मलकानी आदि मौजूद रहे।
अपने मैदान में बना दिया भवन, अब किराए के मैदान में करा रहे खेल
एमबीपीजी कॉलेज का भगवान ही मालिक है। यह कॉलेज कहने को छात्र संख्या के मामले में कुमाऊं मंडल में सबसे बड़ा कॉलेज है लेकिन इसमें अध्ययनरत 13 हजार विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान को खत्म कर दिया गया।
खेल मैदान में लालबहादुर शास्त्री सभागार का निर्माण कराए जाने की वजह से अब महाविद्यालय में अधिकतर खेल नियमित ही नहीं हो पाते। खेल मैदान समाप्त होने की सबसे बड़ी समस्या बृहस्पतिवार को देखने को मिली। एमबी कालेज में खेल मैदान न होने के कारण कालेज प्रशासन को किराए पर एफटीआई का मैदान लेना पड़ा। इसका किराया कॉलेज को पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देना होगा। लाल बहादुर शास्त्री सभागार पुराने भवन के स्थान पर ही बनाया जाना प्रस्तावित था मगर तत्कालीन प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद और कमेटी ने सभागार का स्थान परिवर्तित कर इसे खेल मैदान में बनाए जाने का निर्णय कर दिया। इस मामले पर शासन ने कड़ा एतराज भी जताया तथा जांच भी बैठाई लेकिन अब तक इसका कोई परिणाम सामने नहीं आया।