इन दिनों एमबीपीजी कालेज सतरंगी हो गया है। मौका है कालेज में छात्रसंघ चुनाव का। महाविद्यालय के भीतर और बाहर जमीन से लेकर छतों तक रंग बिरंगे स्टीकर बिखरे हैं।
कालेज के मैदान में झंडे, बैनर, पंफ्लेट की कालीन बिछी है। दीवारों को पोस्टर और छतों को विशालकाय होर्डिंग ने ढक दिया है।
कालेज का यह बदला नजारा छात्रसंघ चुनाव की भव्यता को दर्शा रहा है, वहीं प्रत्याशियों के अनाप शनाप खर्च को भी बयां कर रहा है। यही स्थिति महाविद्यालय के बाहर की है।
कालेज से नैनीताल रोड पर दोनों ओर दो सौ मीटर के दायरे में सड़क, पेड़, दीवार, बिजली के खंभों यहां तक की फुटपाथ पर खड़े चाय, चाट के ठेले भी बिना रंग रोगन के ही रंगीले हो गए हैं।
चुनाव छात्र नेताओं के लिए वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है। चुनावी प्रचार में मोटे खर्च का हिसाब भले ही किसी के पास न हो, लेकिन कालेज एवं आसपास फैली प्रचार सामग्री को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है।