नगर निगम में मेयर और मुख्य नगर अधिकारी का वाक युद्ध अब लेटर बम में बदल गया है। मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने मुख्यमंत्री को लेटर भेजकर मुख्य नगर अधिकारी को तत्काल हटाने की मांग की है। मेयर ने कहा कि मुख्य नगर अधिकारी की जिद के चलते नगर निगम का बंटाधार हो गया है। मुख्य नगर अधिकारी का कर्मचारियों के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है, जिससे कर्मचारियों ने होली से पहले कार्य बहिष्कार कर दिया है। कार्य बहिष्कार होने से शहर की सफाई व्यवस्था ठप हो गई है।
मेयर रौतेला और मुख्य नगर अधिकारी आरडी पालीवाल के बीच की नूरा कुश्ती जगजाहिर हो गई है, इससे नगर निगम राजनीति का अखाड़े में बदल गया है। कामकाज ठप है और कर्मचारियों ने मेयर और मुख्य नगर अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोला है। मेयर डा. रौतेला ने इसके लिए मुख्य नगर अधिकारी को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेटर भेजा है। इसकी प्रति मुख्य नगर अधिकारी को भी भेजी गई है।
मेयर ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्य नगर अधिकारी से बात करना चाहता था। इसके लिए उन्होंने खुद 23 फरवरी को वार्ता के लिए लिखा था। लेकिन मुख्य नगर अधिकारी ने खुद वार्ता करने के बजाए उप नगर अधिकारी को नामित कर दिया। कर्मचारी संगठन ने उप नगर अधिकारी से वार्ता करने से इनकार कर दिया। इससे कर्मचारी भड़क गए और कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं। मेयर ने कहा कि होली से पहले कार्य बहिष्कार पर जाने से शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है।