लोगों को तरह-तरह का शौक और जुनून होता है, इसमें एक शौक माचिसों की डिब्बी एकत्र करने का है। यह शौक साकेत कालोनी के हितेश पंत (32) का है, जो 11 साल की उम्र से इन्हें एकत्र कर रहे है। हितेश ने 21 सालों में 115 देशों से 20 हजार माचिसों की डिब्बी एकत्र की है।
हितेश बताते हैं कि वह यह कलेक्शन 1994 से कर रहे हैं। आमतौर पर माना जाता है कि माचिस की डिब्बी एक चौकोर आकार में होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। माचिस की डिब्बी सिगरेट के डिब्बे से लेकर केन जैसे आकार में भी मिलती है। उनके पास देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा पश्चिम देश कनाडा, फ्रांस से लेकर अरब देश बहरीन साउदी अरब, सिंगापुर, इंडोनेशिया, रोमानिया, हांगकांग, केन्या, थाईलैंड आदि जगहों की माचिस है, इनमें उन जगहों की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक पहलू की झलक भी मिलती है।
कई जगह उन्होंने खुद माचिस एकत्र की, तो बाकी जगहों लोगों के सहयोग से कलेक्शन किया है। यह जुनून जारी है। उनका लक्ष्य लिम्का बुक आदि जगहों पर अपना नाम दर्ज कराना है।