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Haldwani News: जंगली मशरूम खाने से विवाहिता की मौत, महिला नौ दिन पहले पति संग पड़ी थी बीमार; STH में तोड़ा दम

Fri, 18 Jul 2025 10:12 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी

सार

जंगली मशरूम खाने से बीमार नेपाल निवासी सपना दमाई (23) ने बुधवार रात को सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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जंगली मशरूम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जंगली मशरूम खाने से बीमार नेपाल निवासी सपना दमाई (23) ने बुधवार रात को सुशीला तिवारी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पहले चर्चा थी लिंगुड़े की सब्जी खाने से उसकी तबीयत बिगड़ी थी।

पोस्टमार्टम हाउस में सपना के पति मिलन दमाई निवासी थापापुर मोतीनगर (नेपाल) ने बताया कि वह रानीखेत में रहकर मजदूरी करता है। उसके तीन बच्चे हैं। नौ दिन पहले पत्नी ने जंगली मशरूम की सब्जी बनाई थी। इसे खाकर रात में दोनों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त शुरू हो गए। गांव के लोगों ने दोनों को रानीखेत स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। वहां तीन दिन उपचार के बाद स्थिति सुधरी तो चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी। वह घर आ गए।

मंगलवार को अचानक सपना की हालत फिर से बिगड़ने लगी। आनन-फानन उसे लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। यहां उपचार के दौरान बुधवार की रात उसकी मौत हो गई। कोतवाल हल्द्वानी राजेश कुमार ने बताया कि महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर पति को सौंप दिया गया।

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अज्ञात पदार्थ का सेवन करने से युवती की हालत गंभीर बनी हुई थी। लीवर ने काम करना बंद कर दिया था। फेफड़ों में संक्रमण और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ गया था। सांस प्रणाली भी विफल हो गई थी। इसके चलते युवती को बचाया नहीं जा सका। - डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य-मेडिकल कॉलेज

जंगली मशरूम से गई चार जानें
बीते दिनों जंगली मशरूम खाने से लोक गायक गणेश मर्तोलिया की बहन दीया और नानी कुंती देवी की भी मौत हो गई थी। चार दिन पहले बागेश्वर के कुंवारी गांव में जंगली मशरूम खाने से धनुली देवी की भी जान चली गई थी।

समय रहते उपचार मिलना जरूरी

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वरिष्ठ फिजिशियन डाॅ. नीलांबर भट्ट का कहना है कि जंगली मशरूम पर लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। बीमार को जल्द से जल्द उल्टी करानी चाहिए। इससे जान बचने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। यदि बीमार पड़ने के तीन चार घंटे बाद मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया तो फिर बचने की संभावनाएं कम हो जाती हैं। राजकीय मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. अरुण जोशी का कहना है कि खेतों में कुछ जंगली फल व सब्जियां भी पनपती हैं। इनमें अधिकतर बेहद जहरीली होती हैं। विषाक्त फल अथवा सब्जी का सेहत पर अलग-अलग असर पड़ता है। किसी के सेवन से किडनी फेल हो जाती है तो किसी का जहर मस्तिष्क पर असर करता है। कई बार लीवर और किडनी दोनों खराब हो जाती हैं।

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