उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (बोर्ड ऑफिस) में एक बार फिर फर्जी अंकपत्र, प्रमाणपत्र के साथ एक छात्र को कर्मचारियों ने दबोचा लिया। छात्र को हिरासत में लेने के बाद कोतवाली पुलिस के हवाले किया गया है। जहां उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बोर्ड सचिव डॉ. आरडी शर्मा ने शुक्रवार को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। जिसमें बताया कि शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे फरीदाबाद क्षेत्र हरियाणा के कस्बा पलवल निवासी महेंद्र सिंह पुत्र इंद्र सिंह हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 2013 के अंकपत्र, प्रमाणपत्र लेकर माइग्रेशन मांगने पहुंचा।
इस दौरान जब वह जांच के लिए बोर्ड के हाईस्कूल अनुभाग में गया तो उसके अंकपत्र, प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। शर्मा ने बताया छात्र 2013 के प्रमाणपत्र, सह अंकपत्र के साथ लेकर आया था, जबकि बोर्ड द्वारा सह अंकपत्र देने की योजना वर्ष 2015 से लागू की गयी है। जिसकी वजह से छात्र आसानी से पकड़ा गया।
उन्होंने बताया इसका रोल नंबर भी रिकॉर्ड के मुताबिक नहीं था। एसएसआई चंद्र मोहन रावत ने बताया बोर्ड सचिव डॉ. आरडी शर्मा की तहरीर के बाद छात्र पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468 में मुकदमा दर्ज किया गया है। शनिवार को इसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बोर्ड ऑफिस में यह पहला मौका नहीं जब किसी छात्र को फर्जी अंकपत्र, प्रमाणपत्र के साथ पकड़ा गया हो। इससे पहले जुलाई 2015 में राजस्थान के चुरू जिले का छात्र भी प्रमाणपत्र के सत्यापन के दौरान पकड़ा जा चुका है। तब छात्र के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया।