झूलाघाट का झूलापुल बंद होने के बाद भारतीय क्षेत्र में पसरा सन्नाटा। संवाद न्यूज एजेंसी
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झूलाघाट/धारचूला/बनबसा/टनकपुर। नेपाल में 13 मई को होने जा रहे निकाय चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पुल 72 घंटे के लिए बंद कर दिए गए हैं। पुल बंद होने से सीमांत के झूलाघाट कस्बे का बाजार भी तीन दिन के लिए बंद हो गया है। धारचूला, जौलजीबी, बलुवाकोट क्षेत्र के झूलापुल बंद होने से भी दोनों देशों के बीच व्यापार ठप रहा।
बुधवार को झूलाघाट में दुकानें बंद रहने से कस्बे में सन्नाटा छाया रहा। सीमावर्ती कस्बे में लोहाघाट, पिथौरागढ़, मजिरकांडा और नेपाल मूल के लोग रहते हैं। पुल बंद होेने के कारण अधिकतर लोग अपने घरों को चले गए हैं। सीमांत के इस कस्बे का पूरा व्यापार नेपाल पर निर्भर है। तीन दिन तक पुल बंद होने से यहां के व्यापार पर काफी प्रभाव पड़ेगा। सबसे ज्यादा परेशानी किराये की दुकान चलाने और किराये पर रहने वाले लोगों को उठानी पड़ेगी। धारचूला, जौलजीबी, बलुवाकोट क्षेत्र के झूलापुल बंद होने से भी दोनों देशों के बीच व्यापार ठप रहा। रोजाना अपने उत्पाद लेकर भारत से नेपाल और नेपाल से भारत जाने वालों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। सीमा पुलों पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा।
नेपाल सीमा सील होने के कारण कारोबार घटने से बनबसा, टनकपुर के व्यापारी परेशान हैं। बनबसा में बुधवार को बाजार की साप्ताहिक बंदी के कारण सुनसानी छाई रही। उधर टनकपुर से भी श्रद्धालु ब्रह्मदेव स्थित सिद्धनाथ बाबा के दर्शन के लिए नेपाल नहीं जा सके। सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात भारत-नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहीं। पुलिस, एसएसबी समेत नेपाल पुलिस एवं एपीएफ की सीमा पर पैनी नजर रही।