धारी तहसील परिसर और आसपास के क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शुक्रवार को भी धारी और ओखलकांडा ब्लॉक के जंगलों और गांवों में सघन कांबिंग की।
इस दौरान कई जगहों पर ग्रामीणों से घटना के बाबत पूछताछ भी की गई। इधर, प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने मामले के मास्टर माइंड के रूप में मूल रूप से सोमेश्वर निवासी और भाकपा माओवादी के उत्तराखंड जनरल कमेटी के सचिव विजय पहरू की पहचान की है।
पुलिस ने पहरू की धरपकड़ के लिए धारी, भीमताल, हल्द्वानी और भवाली में उसके फोटो भी चस्पा कर दिए हैं। बता दें कि बुधवार की रात को माओवादियों ने धारी तहसील परिसर के अलावा पशु चिकित्सालय, दुग्ध डेयरी, लघु सिंचाई, ब्लॉक कार्यालय, एएनएम केंद्र, बिष्ट जरनल स्टोर व अंकुर बार आदि में पोस्टर-बैनर लगाने के साथ दीवारों पर नारे लिखे थे।
माओवादियों ने तहसील परिसर में खड़ी जिप्सी को भी जलाने का प्रयास किया था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों और पुलिस ने उक्त पोस्टर हटवाए और नारे मिटवाए थे। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ भवाली कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के साथ माओवादियों की धरपकड़ को धारी और ओखलकांडा के जंगलों में कांबिंग शुरू की गई थी।
शुक्रवार को भी एएसपी हरीश चंद्र सती के नेतृत्व में पुलिस टीम ने धारी ब्लॉक के गुनियालेख, सरना, पलड़ा, बगड्वार बैंड, च्यूरीगाड़ समेत आसपास के जंगलों और गांवों में कांबिंग की।
इधर, मामले की जांच कर रहे भवाली के कोतवाल इंद्र सिंह राणा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि भाकपा माले के उत्तराखंड जनरल कमेटी के सचिव और पिछले काफी समय से फरार चल रहे विजय पहरू उर्फ पावेल उर्फ खीम सिंह बोरा उर्फ प्रभाकर निवासी प्राथमिक विद्यालय के समीप सोमेश्वर इस दौरान धारी क्षेत्र में अपने साथियों के साथ पहुंचा था।
उन्होंनेे बताया कि ब्लॉक के लदफोड़ा गांव में शराब भट्टी के पास लगाए गए पोस्टरों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। जांच अधिकारी राणा ने बताया कि विजय पहरू की धरपकड़ के लिए धारी, लदफोड़ा, पदमपुरी और भीमताल क्षेत्र के अलावा हल्द्वानी और भवाली स्थित बस स्टेशनों में उसके फोटो चस्पा कराए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पहरू के खिलाफ वर्ष 2007 में नानकमत्ता में 121 ए, 124 ए, 153 बी व 120 बी व 10/20 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और तभी से वह फरार चल रहा है। उन्होंने बताया कि पहरू पर दस हजार रुपए का ईनाम भी घोषित है।