रामलीला मैदान में स्वस्ति वाचन, गणेश पूजन, सरस्वती पूजन और व्यास पूजन के साथ प्राचीन श्री रामलीला मंचन की शुरुआत हो गई। इस मौके पर हरिशरणम् जन प्रमुख रामगोविंद दास भाई जी ने महामंडलेश्वरों, पीठाधीश्वरों, संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्यों, आचार्यों, ब्राह्मणों और वैदिक आचार्यों की पूजा अर्चना और चरण वंदना की।
समूचे कार्यक्रम का संचालन श्री महादेव गिरी संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने संस्कृत भाषा और वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ किया। कुमाऊं रेजीमेंट रानीखेत से आए जेड बैंड के कलाकारों ने सुंदर भजन पेश कर कार्यक्रम को शानदार बना दिया।
रामलीला मैदान से अपराह्न तीन बजे शुरू हुई मानस यात्रा राममंदिर, रेल बाजार, सदर बाजार, कारखाना बाजार, पटेल चौक होते हुए वापस रामलीला मैदान पहुंची। यात्रा में सबसे आगे श्री राम ध्वजा के साथ हाथी की सवारी थी। पीछे बैंड बाजे के साथ चार बग्घियों में महामंडलेश्वर परेशयति, सोमेश्वर यति, हरिप्रिया यति के अलावा साधु संत विराजमान थे।
इनके पीछे भजन मंडली, पारंपरिक रंगोली पिछौड़ा पहने महिलाएं, विशेष पोशाक में पुरुष चल रहे थे। अंत में श्रीराम चरित मानस जी की पालकी चल रही थी। जिसमें शहरवासी पुष्पवर्षा के साथ ही पूजा कर रहे थे। मानस यात्रा के दौरान पूरे शहर में सड़क के दोनों ओर देखने वालों की भारी भीड़ थी। मानस यात्रा में हजारों संख्या में लोग मौजूद थे।
मानस यात्रा के रामलीला मैदान में समापन अवसर पर रामलीला के आयोजक संस्था हरिशरणम् जन प्रमुख रामगोविंद दास भाई जी ने सभी का आभार जताया। पुलिस का व्यापक इंतजाम था लेकिन यात्रा पूरी शांति से संपन्न हुई। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह भी मौजूद रहे।
कुमाऊं रेजीमेंट का जेड बैंड रहा आकर्षण
कुमाऊं रेजीमेंट रानीखेत का जेड बैंड आकर्षण का केंद्र रहा। बैंड की आर्केस्ट्रा टीम में संजय सिंह लुंठी, मनोज कुमार, नंदन सिंह, डेविड, ललित सिंह, लम्पम, अमित शामिल थे।
रामलीला में आज: नारद मोह अपराह्न तीन बजे से।