हजारों की भीड़, घर से मुट्ठी तानकर सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए चलता महिलाओं का हुजूम और एक ही मांग, ‘नहीं चाहिए तुम्हारी पालिका, हम गांव के हैं गांव में रहने दो। यदि देना ही है तो राजस्व गांव दो, वरना फैसला वापस लो।’ जनतंत्र के इस विराट आंदोलन का बुधवार को बिंदुखत्ता से लेकर लालकुआं तक गवाह बना। ऐतिहासिक महापंचायत में ग्रामीण जनता ने सरकार को चेताया कि पालिका का गठन हुआ तो विधानसभा के आगे धरना देंगे।
अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले पिछले एक महीने से महापंचायत का तानाबाना तैयार किया गया था। बिंदुखत्ता के गांवों में 16 किसान पंचायतों के बाद जब हजारों लोग बुधवार को सड़कों पर उतरे तो एकता और सामूहिक विरोध साफ दिखाई दिया। करीब नौ बजे कार रोड स्थित शहीद स्मारक में भीड़ से पैक हो चुका था। फिर यहीं पर महापंचायत में किसान नेताओं ने सरकार पर भाषणों से ‘वार’ किया।
किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा क्षेत्रीय विधायक/कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गापाल ने जनभावना को दरकिरनार कर बिंदुखत्ता को पालिका बनाने का षडयंत्र रचा है। सरकार कारखानों और स्टोन क्रशरों को जमीन मुहैया करा रही है, लेकिन 50 साल से मालिकाना हक के लिए लड़ाई लड़ रहे किसानों को आज तक उनका अधिकार नहीं दिया गया है।
दुर्गापाल को इस बात का सार्वजनिक जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता की 98 प्रतिशत आबादी खेती और पशुपालन पर निर्भर है। ऐसे में सबसे पहली प्राथमिकता इसे राजस्व गांव बनाने की होनी चाहिए, न कि पालिका। यदि अब भी सुनवाई नहीं हुई तो विधानसभा सत्र में बिंदुखत्ता के लोग विधानसभा के आगे धरना देंगे। भाकपा (माले) के राज्य सचिव कामरेड राजेंद्र प्रथोली ने कहा कि यह किसानों की जमीन हड़पने का षडयंत्र है। किसान नेता बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि यदि पालिका बनती है बिंदुखत्ता के किसान बर्बाद हो जाएंगे।
महापंचायत को माले के जिला सचिव कैलाश पांडेय, गढ़वाल प्रभारी इंद्रेश मैखुरी, चमोली (गढ़वाल) से किसान महासभा नेता अतुल सती, भुवन जोशी, केके बोरा, आनंद सिंह सिजवाली, विमला रौथाण, लक्ष्मण सुयाल, शंकर जोशी, किशन बघरी, दौलत नाथ गोश्वामी, छवि राम, शंकर सिंह चुफ ाल ने भी संबोधित किया।
तहसील में भी चली महापंचायत
शहीद स्मारक में अपराह्न करीब 12 बजे तक महापंचायत चलने के बाद जनता का जुलूस तहसील के लिए रवाना हुआ। करीब एक किलोमीटर तक जुलूस निकलने के बाद ढाई बजे तक तहसील में भी महापंचायत चली। बिंदुखत्ता के इंद्रानगर (प्रथम, द्वितीय, तृतीय), तिवारीनगर, खुरियाखत्ता, विकासपुरी, ट्रालीलाइन, पुराना खत्ता और बिंदुखेड़ा गांव के लोग शामिल हुए। गढ़वाल से आए जन संस्कृति मंच के नेता मदन मोहन चमोली ने गढ़वाली गीत ‘ए लोगों लंबी लडै़य छं’ गाकर लोगों में जोश भर दिया।