गर्भवती, धात्री और बच्चों को बांटे जा रहे पुष्टाहार की गुणवत्ता में बृहस्पतिवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास की उपाध्यक्ष को खामियां मिली। मडुवे के आटे में मिलावट एवं निर्धारित मानकों के अनुसार तौल में गुड़ और दलिया भी कम मिला।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास की उपाध्यक्ष शशि वर्मा और निर्मला दरम्वाल ने बृहस्पतिवार को पांच आंगनबाड़ी केंद्रों में बांटे जा रहे पुष्टाहार की जांच की। वर्मा ने बताया कि बनभूलपुरा में 17 गर्भवती महिलाओं, 16 धात्री महिलाओं और 80 बच्चों के लिए पुष्टाहार आता है। मडुवे के आटे में मिलावट है, जबकि धात्री महिलाओं के लिए भेजा जा रहा गुड़ 750 ग्राम की जगह 470 ग्राम मिला है और गुड़ की गुणवत्ता भी खराब है।
छह माह से तीन वर्ष के बच्चों के आने वाली दलिया की गुणवत्ता खराब होने के साथ ही दो किलो की जगह डेढ़ किलो आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुष्टाहार की गुणवत्ता में खराबी की रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी। जिला कार्यक्रम और बाल विकास पुष्टाहार अधिकारी अनुलेखा बिष्ट ने कहा कि गुणवत्ता में खराबी की कोई शिकायत ग्रामीणों की ओर से नहीं आई है। जो सामान भेजा गया है, उसका सैंपल लेकर जांच करा ली जाए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से मिलकर पुष्टाहार की जांच कराने को कहेंगी।