हाईकोर्ट ने 1 मार्च 2015 को होने वाली रैंकर्स उपनिरीक्षक की लिखित परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन न्यायालय ने उसका परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने विभाग को आदेशित किया है कि वह सभी अवेदनकर्ताओं को सूचित कर दें कि यह परीक्षा न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन होगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 मार्च की तिथि नियत की है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हेड कांस्टेबल मानसिंह नेगी व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 1 मार्च 2015 को होने वाली रैंकर्स उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा को चुनौती दी थी। पूर्व में याचिकाकर्ता की ओर से रैंकर्स उपनिरीक्षक भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी, इसमें कोर्ट ने पूर्व में दायर याचिका को निस्तारित करते हुए सरकार को आदेशित किया था कि वह पुलिस एक्ट की धारा 38 (3) के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए पुलिस स्टेब्लिशमेंट कमेटी की ओर से निर्धारित प्रक्रिया पर निर्णय लें।
वर्तमान याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि पुलिस महानिदेशक व प्रमुख सचिव ने हाईकोर्ट के पूर्व में पारित निर्णय को ध्यान में रखे बिना ही पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत ही 1 मार्च 2015 को रैंकर्स उपनिरीक्षक परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने रैंकर्स उपनिरीक्षक की लिखित परीक्षा कराने के निर्देश देते हुए उसके परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी।