कांग्रेस सरकार की बहाली के बाद वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने सोमवार को सर्किट हाउस में पहली बार जिले के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि अधिकारी या तो अपनी कार्यप्रणाली सुधारें या फिर जनपद छोड़ दें। जल निगम और एडीबी की कार्यप्रणाली से वित्त मंत्री ज्यादा नाराज नजर आईं। उन्होंने एडीबी के 17 ओवर हैड टैंकों के निर्माण में 140 करोड़ रुपये डुबा देने तक की बात कही। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने गौलापार में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की प्रगति पर संतोष जताया।
उन्होेंने कहा कि बीते 45 दिन में कामों की गति धीमी हुई है। हम छह महीने में विकास कार्यों में पिछड़ गए हैं। जल्द ही विकास कार्यों को पूरा करना है। जो अफसर सही काम नहीं करेंगे, उनको जनपद छोड़ना होगा। पेयजल व्यवस्था प्राथमिकता में है। तल्ली बमौरी में जल्द ही नलकूप शुरू होगा, इसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। शहरी क्षेत्र के दो और नलकूपों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने पर्यटन और निगम को महिला शौचालयों का निर्माण कराने की बात कही। जिससे पर्यटकों को भी सुविधा मिले। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह, डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते, लोनिवि ईई रणजीत सिंह रावत के कार्यों की सराहना भी की। इस दौरान डीएम दीपक रावत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
यह निर्देश दिए
- पांच अतिरिक्त टैंकर खरीदने का प्रस्ताव दिया जाए
- नैनीताल रोड चौड़ीकरण का कार्य जल्द पूरा किया जाए
- पेड़ और विद्युत पोलों को जल्द शिफ्ट किया जाए
- स्टेट बैंक से मुखानी तक नहर कवरिंग का कार्य शुरू किया जाए
- अंतरराष्ट्रीय जू का नवंबर तक पहले चरण का काम पूरा कर सफारी स्टार्ट हो
- महिला शौचालय/शौचालयों का निर्माण किया जाए
- सिंचाई विभाग दमुवाढूंगा से लालडांठ तक रकसिया नाले के संरक्षण कार्य शुरू करें