उत्तराखंड सरकार में पीडीएफ कोटे के कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल का दुर्ग भेदने के लिए लामबंदी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हरीश रावत की बिंदुखत्ता जनसभा में कांग्रेसी दावेदार हरेंद्र बोरा के शक्ति प्रदर्शन के बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी और उनके पति किरण डालाकोटी ने भी बृहस्पतिवार को गौलापार खेड़ा में पंचायत कर टिकट के लिए दावेदारी ठोक दी है।
गौलापार की ग्रामसभाओं से समर्थन हासिल करने के बाद डालाकोटी परिवार ने जनवरी के पहले सप्ताह में विधानसभा क्षेत्र की जनता की रायशुमारी के लिए महापंचायत का एलान किया है। बीना जोशी और गोपाल नेगी भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं। पीडीएफ बनाम कांग्रेसियों की लड़ाई में भाजपा की राह आसान हो रही है।
टिकट की मारामारी के बीच पीडीएफ कोटे के कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल कांग्रेसी दावेदारी के निशाने पर हैं। दुर्गापाल मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी और कांग्रेस के सिंबल पर मैदान में उतरने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त भी हैं। इससे कांग्रेसी दावेदार छटपटा रहे हैं। बीते बुधवार को बिंदुखत्ता में मुख्यमंत्री को हरेंद्र बोरा समर्थकों के गुस्से का शिकार होना पड़ा।
बोरा समर्थकों ने हरीश चंद्र दुर्गापाल को कांग्रेस के सिंबल पर मैदान में उतारने का विरोध जताया। बोरा ने शक्ति प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को जता दिया कि दुर्गापाल कांग्रेस के प्रत्याशी बने तो वे खुद निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
बृहस्पतिवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी और उनके पति किरण डालाकोटी ने दावेदारी ठोक दी। डालाकोटी परिवार ने अपने आवास में गौलापार क्षेत्र की पंचायत बुलाई और पंचायत के समर्थन के बाद दावेदारी पेश की। डालाकोटी परिवार की गौलापार और नंधौर वैली में मजबूत पकड़ हैं और उन्होंने जनवरी पहले हफ्ते बरेली रोड में महापंचायत का एलान किया है।
कांग्रेस से टिकट न मिलने पर महापंचायत में ही निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की जाएगी। पूर्व ब्लॉक प्रमुख गोपाल सिंह नेगी और कांग्रेसी नेत्री बीना जोशी भी टिकट की लाइन में है। कांग्रेस परिवार और दुर्गापाल के झगड़े में भाजपा अपना फायदा ढूंढ रही है।