नैनीताल। कोरोना वायरस संक्रमण से भले ही दुनिया में दहशत है मगर इससे बचने के लिए लागू लॉकडाउन प्रकृति के लिए वरदान साबित हुआ है। इस बीच पृथ्वी की सतह से लेकर अंतरिक्ष में इसका साफ असर दिख रहा है। वायुमंडल में प्रदूषण का स्तर और झीलों की सेहत ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष के नजारे अब साफ नजर आने लगे हैं।
लॉकडाउन के बाद जारी आंकड़े और विशेषज्ञ बताते हैं कि लॉकडाउन से पर्यावरण के हर पहलू में सुधार हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल में नैनीताल और भीमताल झील से पानी के नमूनों की जांच की थी। क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आरके चतुर्वेदी बताते हैं कि दोनों झीलों के पानी में खासा सुधार हुआ है। झीलों के पानी में आक्सीजन की मात्रा भी बढ़ी है। पर्यावरणविद डॉ. अजय रावत बताते हैं कि लॉकडाउन से पहले नैनी झील में केवल 6 से 7 फुट तक ही पानी देखा जा सकता था, लेकिन अब यह आंकड़ा 20 फुट तक पहुंच गया है।
यानी झील के पानी की पारदर्शिता बढ़ी है। कुमाऊं विश्वविद्यालय में जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन के विभागाध्यक्ष गिरीश रंजन तिवारी बताते हैं कि लॉकडाउन होने के बाद से नैनी झील की सेहत में बहुत सुधार आया है। 2018 में जलस्तर इन दिनों काफी नीचे चला गया था और उस साल पानी की बहुत ज्यादा किल्लत हो गई थी। इन दिनों झील प्रदूषण रहित है। जलस्तर बढ़ने के साथ झील खूबसूरत भी लग रही है।
आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान (एरीज) के वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे का कहना है कि इस बार पर्यावरण के अपेक्षाकृत अधिक साफ होने के कारण न केवल आकाशीय घटनाएं अधिक आकर्षक लग रही हैं, बल्कि आसमान में तारे अधिक और ज्यादा चमकदार दिख रहे हैं। आसमान ज्यादा स्वच्छ नजर आ रहा है।