आरोप है कि तीनों महिलाओं ने निजी बैंक में फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नकली सोना बंधक रखा और 4.18 लाख रुपये का गोल्ड लोन ले लिया। बैंक के ऑडिट रिपोर्ट में मामले का खुलासा हुआ। बैंक प्रबंधक महेंद्र तनेजा की अपील पर कोर्ट के आदेश पर बनभूलपुरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
महेंद्र तनेजा ने दर्ज मामले में बताया कि हरजिंदर कौर, रूही और हर बी ने वर्ष 2022 में गोल्ड लोन के लिए बैंक शाखा में आवेदन किया था। तीनों ने आवेदन पत्र के साथ बंधक रखे जाने वाले सोने का सत्यापन कराने की बात कहकर सराफ प्रदीप कुमार और राजेश वर्मा से फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर भी लगाए। इसके बाद बैंक से पहली बार में 1.17 लाख रुपये, दूसरी बार में 1.36 लाख रुपये और तीसरी बार में 1.65 लाख रुपये का गोल्ड लोन स्वीकृत करा लिया। जब लंबे समय तक किस्त जमा न होने पर तीनों महिलाओं के लोन खातों और प्रपत्रों की जांच हुई तब पता चला कि बंधक रखा सोना नकली है। आरोप है कि उन्होंने इसकी शिकायत बनभूलपुरा पुलिस से की लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर कोर्ट का रुख किया। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि आरोपियों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। सभी के बयान दर्ज कर जल्द आगे की कार्रवाई की जाएगी।