जल निगम ने पेयजल नलकूपों के साथ ही कई इलाकों में लाइनों का भी निर्माण किया है। जल निगम ने अभी लाइनें जल संस्थान को हस्तांतरित नहीं की हैं। इन लाइनों से सैकड़ों अवैध कनेक्शन हो गए हैं। जल संस्थान को नलकूपों को हैंडओवर करने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन जल निगम लाइनों को भी जैसी और जहां हैं की स्थिति में हैंडओवर लेने के लिए जल संस्थान पर दबाव डाल रहा है। जल संस्थान ने बिना लाइनों का परीक्षण किए उन्हें हैंड ओवर लेने से इंकार कर दिया है।
जल संस्थान के सहायक अभियंता आरपी डोबवाल ने बताया कि जलनिगम सुभाष नगर, देवखड़ी, रामपुर रोड वन निगम कालोनी समेत कई नलकूपों को विभाग को हस्तगत करने जा रहा है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। जल निगम की यांत्रिक शाखा द्वारा बनाए गए नलकूपों को विभाग लेने को तैयार है। लेकिन जलनिगम की सिविल विंग द्वारा बनाई गई लाइनों को भी विभाग को हस्तांतरित किए जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जल निगम द्वारा बिछाई गई लाइनों से सैकड़ों लोगों ने अवैध कनेक्शन ले लिए हैं। उनका कहना है कि बिना जलसंस्थान को हस्तगत किए लाइनों से लिए गए अवैध कनेक्शनों के कारण विभाग को दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जलनिगम की सिविल विंग विभागीय अधिकारियों के साथ लाइनों का संयुक्त निरीक्षण करे और अवैध कनेक्शनों को जल संस्थान के पक्ष में लीगल कराए तो इन्हें हस्तगत लिया जाएगा। अन्यथा विभाग को दिक्कतें आएंगी। ऐसी स्थिति में विभाग बिना देखे लाइनों को अपने पास नहीं लेगा।