नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश और विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट सुबीर कुमार की अदालत ने शादी का झांसा देकर अनुसूचित जाति की युवती से शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को कठोर आजीवन कारावास और 40,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न जमा करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने अर्थदंड की धनराशि में से 30,000 रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के निर्देश दिए हैं।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता ने 15 फरवरी 2022 को थाना रामनगर में नितीश नैनवाल निवासी ग्राम ढिकुली, गर्जिया थाना रामनगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि बीते दो वर्षों से शादी का झांसा देकर आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाए।
सात फरवरी 2022 को नितीश उसे जिम कॉर्बेट सफारी पर ले गया। कहा कि वहां उसके कुछ दोस्त और लड़कियां भी आ रही हैं। सफारी नाइट स्टे वाली थी, लेकिन उसे इससे अंजान रखा गया और कोई दोस्त भी नहीं पहुंचा। सफारी के दौरान आरोपी ने जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर उससे दुष्कर्म किया। आठ फरवरी को वह परिजनों को धनगढ़ी गेट पर बेहोशी की हालत में मिली।
इसके बाद गर्जिया पुलिस चौकी ले जाने व आरोपी को तलब करने पर वहां भी उसने सात दिन में शादी का वादा किया, लेकिन मुकर गया। पीड़िता के मुताबिक नितीश ने बाद में विवाह से इंकार कर दिया जबकि पूर्व में उसका बयान था कि वह जातपात को नहीं मानता। न्यायालय ने सजा के साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को क्षतिपूर्ति धनराशि दिलाने के भी निर्देश दिए हैं। अभियोजन ने मामले में 17 गवाह पेश किए।
इन धाराओं में हुई सजा
धारा-376 (2) (एन) में आजीवन कठोर कारावास और 20,000 रुपये अर्थदंड।
एससी-एसटी एक्ट की धारा-3(2) (अ) में आजीवन कठोर कारावास, 20,000 रुपये अर्थदंड।