पिथौरागढ़। प्रदेश सरकार ने ओपन जिम के लिए 17,960 रुपये पंचायतों को दिलाए हैं लेकिन युवाओं का कहना है कि इतने कम रुपये में ओपन जिम बनाना मुश्किल है। इसलिए ओपन जिम के नाम पर गांवों में सिर्फ लोहे के पाइप से बने पैरलल और होरिजेंटल बार लगाए जा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि यह राशि बढ़ाकर सरकार को ओपन जिम के मानक पूरे करवाने चाहिए।
सीमांत जिले में 686 ग्राम पंचायतें हैं। सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में ओपन जिम लगाने के लिए युवा कल्याण विभाग के माध्यम से युवक मंगल दलों के खातों में 17,960 रुपये डाले हैं जिनमें से 460 ग्राम पंचायतों के मंगल दल को ओपन जिम लगाने के लिए धन दे दिया गया है। हालांकि 226 ग्राम पंचायतों से युवा कल्याण विभाग को प्रस्ताव नहीं मिले हैं। प्रस्ताव मिलने के बाद उन गांवों में भी ओपन जिम लगाए जाएंगे। युवाओं ने आरोप लगाया कि मंगल दल भी प्राप्त धन से सीमित सामान खरीद सके हैं। कहा कि ओपन जिम के नाम पर सरकार उन्हें गुमराह कर रही है।
बड़ी ग्राम पंचायतों मनमर्जी से गाड़े जा रहे हैं खंभे
पिथौरागढ़। सीमांत जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और मंगल दलों की मर्जी से अपने घरों के नजदीक ओपन जिम के नाम पर खंभे लगाए जा रहे हैं। युवाओं ने ऐसे ओपन जिम को महज दिखावा बताया है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायतों की खुली बैठक में चर्चा और सहमति के आधार पर जिम स्थापित करने चाहिए थे।
ओपन जिम के मानक
एयर वाकर, लेग प्रेस, शोल्डर बिल्डर, क्रॉस ट्रेनर, सिटेड पुलर, चेस्ट प्रेस कम शोल्डर प्रेस, सिटअप बोर्ड, स्टेपर कम सर्फ बोर्ड, सिंगल चेस्ट प्रेस, पैरलल बार, ऑर्बिट रेक, काफ रेस, मंकी बार।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में ओपन जिम लगाने के लिए शासन से सिर्फ 17,960 रुपये ही मिले हैं। जिन गांवों से प्रस्ताव मिले हैं उन गांवों के युवक मंगल दलों को धन अवमुक्त कर दिया है। -डीएन द्विवेदी, युवा कल्याण अधिकारी, पिथौरागढ़।