नैनीताल। हाईकोर्ट ने खटीमा के निलंबित क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष रंजीत सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने और जांच रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न करने के लिए कहा है।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ के समक्ष रंजीत सिंह की याचिका पर सुनवाई हुई। रंजीत सिंह ने निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। सरकार की ओर से महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने कोर्ट को बताया कि इनके ऊपर गंभीर आरोप हैं। इन आरोपों की जांच में पुष्टि हुई है। पंचायती राज अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।
शासन ने खटीमा निवासी चंद्रशेखर मुंडिया की शिकायत पर पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत रंजीत सिंह को दस अगस्त को निलंबित कर दिया था। शिकायत में कहा गया था कि रंजीत सिंह ने वित्तीय अनियमितताएं कीं और कई विकास कार्य अपने पिता को भी आवंटित कर दिए। इसलिए इस मामले की जांच की जाए। संवाद