नैनीताल में बलिया नाले में हुआ भूस्खलन।
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नैनीताल। बलियानाले में एक माह से लगातार भूस्खलन हो रहा है। नाले के ट्रीटमेंट के लिए इसरो, जीएसआई और जाइका की टीमें यहां सर्वे कर चुकी हैं, लेकिन अब तक ट्रीटमेंट शुरू नहीं होने से खतरा बना है। खतरे की जद में आए अधिकतर परिवारों को पूर्व में ही दुर्गापुर में विस्थापित किया जा चुका है।
बलियानाले में हर साल बारिश के दौरान भूस्खलन होता है। बीते वर्ष भीषण बारिश के चलते नाले में भारी भूस्खलन हुआ था। इससे 15 से ज्यादा घर नाले में समा गए थे। इस वर्ष भी बारिश शुरू होने के साथ ही नाले में भूस्खलन शुरू हो गया है। बीते वर्ष की अपेक्षा कम बारिश होने की स्थिति पहले जैसी भयावह तो नहीं है, लेकिन भूस्खलन बंद नहीं हो सका है।
खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बीते दिनों खतरे की जद में आए लोगों को दुर्गापुर में विस्थापित कर दिया था। कुछ घरों को तोड़ दिया गया था तो कुछ घरों को खाली करवाकर उनमें ताला लगा दिया गया था। लगभग एक माह से नाले में लगातार भूस्खलन हो रहा है। मंगलवार को बारिश के कारण भूस्खलन बढ़ गया था। बुधवार को नगर में धूप खिलने के बाद भी भूस्खलन जारी रहा।
बलियानाले में सामान्य है भूस्खलन की स्थिति
नैनीताल। तहसीलदार भगवान सिंह चौहान बुधवार को बलियानाले का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि नाले में भूस्खलन की स्थिति सामान्य है। बुधवार को ज्यादा भूस्खलन नहीं हुआ है। उन्होंने नाले में हो रहे निर्माण कार्यों की भी स्थिति देखी। तहसीलदार ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से दो होमगार्ड नीचे और दो ऊपर की तरफ लगाए गए हैं।