वित्तीय वर्ष 2015-2016 में लेक ब्रिज चुंगी संचालन का ठेका एक करोड़ 37 लाख 89 हजार 999 रुपए में संजय साह के नाम पर छूटा। मंगलवार को हुई निविदा में टेंडर बाक्स में दो निविदाएं पड़ीं, जिसमें से एक को तकनीकी आधार पर निरस्त कर दिया गया।
बता दें कि बीते वर्ष लेक ब्रिज और बारापत्थर चुंगी का ठेका 2.16 करोड़ रुपए में दीवान सिंह फर्त्याल के नाम छूटा था। बीती 19 सितंबर से बारापत्थर चुंगी संचालन बंद होने के बाद इस वर्ष पालिका ने न्यूनतम धनराशि 1.80 करोड़ रुपए रखी। तीन बार हुई टेंडर प्रक्रिया के बाद भी ठेका नहीं हो सका। इसके बाद एक अप्रैल से पालिका ने लेक ब्रिज चुंगी का संचालन अपने हाथ में लिया।
मंगलवार को बीते दिनों पालिका आपात बैठक में इसकी दरों को कम कर लेक ब्रिज चुंगी के लिए 1.30 करोड़ रुपए ेन्यूनतम धनराशि रखी गई। मंगलवार को पालिका सभागार में करीब 12:30 बजे टेंडर खोले गए। इसमें केवल दो निविदा फार्म थे। इरशाद अहमद की निविदा तकनीकी बिड के आधार पर निरस्त मानी गई। एक करोड़ 89 हजार 999 रुपए की दर पर ठेका संजय साह के नाम पर छूटा। चौथी बार हो रही टेंडर प्रक्रिया के नियमों के क्रम में समिति ने ठेका श्री साह को देने पर सहमति व्यक्त की।
इधर, पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने बताया कि एक-दो दिन में कुछ औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अनुबंध होते ही ठेकेदार को काबिज करा दिया जाएगा। इस दौरान पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण, कोषाधिकारी करम सिंह नेगी, ईओ रोहिताश शर्मा, एई पंकज राय, सुरेश चौधरी, हेम पंत, विनोद परिहार, सरवर खान, जेके शर्मा, नीतू बोरा, अजय भट्ट, असीम बख्स, भूपाल कार्की, जितेंद्र बिष्ट, कैलाश अधिकारी, बच्ची चंद आदि थे।