हल्द्वानी। प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में पुस्तकालयाध्यक्ष के 23 पद लंबे समय से खाली हैं। छात्रों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुस्तकालयाध्यक्ष के अभाव में लाइब्रेरी का संचालन प्रभावित हो रहा है। छात्रों की पढ़ाई और शोध कार्य बाधित हो रहा है।
पुस्तकालयाध्यक्ष की कमी से जूझ रहे छात्र-छात्राओं को सही ढंग से पुस्तकें भी नहीं मिल पा रही हैं। शिक्षकों की भी परेशानी है कि उन्हें पुस्तकालय के कामकाज के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी लेनी पड़ रही है। एमबीपीजी कॉलेज के छात्रसंघ सचिव गौरव तिवारी का कहना है कि कई महाविद्यालयों में नए प्रवेशरत बच्चों को समय पर किताबें भी नहीं मिल पा रही हैं।
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इस बीच डीबीसी हुई थी जिसमें कई पदों को भरा गया है। कुछ में वेटिंग चल रहा है। पदों के सृजन की मांग के लिए शासन को भी पत्र भेजा है। - डॉ. विश्वनाथ खली, उच्च शिक्षा निदेशक हल्द्वानी