कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल ने कहा कि विवि को देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों की श्रेणी में शुमार करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। इसमें कुमाऊं विवि के प्रशासनिक भवन, दोनों परिसरों एवं विवि से संबद्ध डिग्री कॉलेजों का भी सहयोग लिया जाएगा।
कहा कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विवि प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है। इसके लिए रुद्रपुर और हल्द्वानी के एक कॉलेज को नोडल एजेंसी बनाया गया है। साथ ही हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी, जो 24 घंटे सेवा देगी।
मंगलवार को विवि के प्रशासनिक भवन में पत्रकार वार्ता में कुलपति प्रो. नौड़ियाल ने कहा कि वर्तमान में विवि से संबद्ध 47 राजकीय डिग्री कॉलेजों के लिए रुद्रपुर डिग्री कॉलेज को जबकि 54 प्राइवेट कॉलेजों के लिए आम्रपाली संस्थान हल्द्वानी को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
ऑनलाइन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए रुड़की विवि के विषय विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। कहा कि विवि के ऑनलाइन होने के बाद विवि भी यूजीसी की रैंकिंग के लिए आवेदन कर सकेगा। वार्ता में फार्मेसी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. महेंद्र राणा और कुलपति के निजी सचिव विधान चौधरी भी मौजूद थे।
डिजिटलाइजेशन में नहीं आएगी दिक्कत
ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 15 जून से शुरू हो रही है। वर्तमान में विवि का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है, जो जून के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि कुमाऊं के दूर दराज के कई डिग्री कॉलेज ऐसे हैं, जहां इंटरनेट कनेक्शन नहीं होने की वजह से दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए इन क्षेत्रों के जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेजों को लिंक कॉलेज बनाया गया है, जहां से अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन करेंगे।