उत्तरांचल बैंक यूनियन और कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की बैठक में कूर्मांचल नगर सहकारी बैंक प्रबंधन पर हठधर्मिता और कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
बैंक प्रबंधन पर तीन कर्मचारियों को नाजायज तरीके से निलंबित करने और एचआर की नियुक्ति मानकों के विपरीत किए जाने का आरोप लगाया है।
वक्ताओं का कहना है कि प्रबंधन ने तीन महीने से निलंबित तीनों कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बावजूद कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने बैंक प्रबंधन के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने, तीनों निलंबित कर्मचारियों को बहाल किए जाने और कर्मचारियों की मांगों को पूरा किए जाने की मांग की है।
बैठक उत्तरांचल बैंक कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री जगमोहन सिंह मेहंदीरत्ता ने कूर्मांचल बैंक प्रबंधन पर 40 लाख रुपये का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के निलंबन को गलत बताते हुए उनकी जायज मांगों कर्मचारी सेवा नियमावली बनाने, स्थानांतरण और प्रमोशन नीति बनाने के बाबत बैंक प्रबंधन को पत्र भेजा था।
सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य ने भी कर्मचारियों की मांगों को जायज बताया था। बावजूद इसके बैंक प्रबंधन ने उनकी मांगों को नहीं माना है। उन्होंने मांगें न माने जाने पर प्रबंधन के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है।
वक्ताओं ने गलत तरीके की गई एचआर की नियुक्ति की जांच की भी मांग की है। विधायक सरिता आर्य ने कहा कि सीएम के पत्र के बावजूद दो महीने से प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई नहीं की है। कर्मचारियों को हर संभव सहयोग किया जाएगा।
बैठक में उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष प्रवीण साह, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जगमोहन रौतेला, कांग्रेस नगर अध्यक्ष मारुति साह, मल्लीताल व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह नेगी, बहादुर सिंह बिष्ट, उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के उपाध्यक्ष गोपाल बिष्ट, छात्रसंघ अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट, पूर्व छात्र महासंघ अध्यक्ष दीपक मेलकानी आदि मौजूद थे।