नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने भू-विज्ञान विभाग की छात्रा के आंतरिक मूल्यांकन के अंकों से जुड़े प्रकरण में छात्रा के असाइनमेंट के अंक न चढ़ने पर प्रक्रियागत चूक स्वीकार करते हुए संबंधित विभाग को इसके लिए दोषी ठहराया है। विवि ने प्रकरण में लापरवाही अथवा प्रक्रियागत त्रुटि की जिम्मेदारी तय करने के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है।
कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने पत्रकारों को बताया कि उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार असाइनमेंट जमा करने की अंतिम तिथि 25 फरवरी 2023 निर्धारित थी लेकिन असाइनमेंट वास्तव में कब जमा हुआ, इसका स्पष्ट अभिलेख विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। कुलपति ने बताया कि हालांकि आरटीआई में विभागाध्यक्ष, भू-विज्ञान की ओर से 24 अप्रैल 2023 को लॉगबुक प्रविष्टि के आधार पर अंक भेजे जाने का उल्लेख किया गया है। कहा कि 28 अप्रैल 2023 को विवि ने सभी विभागों को पोर्टल पर अंक अपलोड करने के लिए तीन दिन का समय दिया था, छात्रा के अंक, यदि दिए गए थे तो छात्रा के अंकों को पोर्टल पर अपडेट करने की कार्रवाई विभाग द्वारा नहीं की गई।
बताया गया है कि 13 जुलाई 2026 को छात्रा कुलपति के निजी सचिव, उप परीक्षा नियंत्रक व कुलपति से मिली। कुलपति के निर्देश तथा विवि व विभागीय कार्रवाई के बाद छात्रा ने बाद में विश्वविद्यालय से संशोधित मूल अंकतालिका एवं उपाधि प्राप्त कर ली है।
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इनसेट
विवि ने कहा- भूगर्भ विभाग ने उचित कार्यवाही नहीं की
नैनीताल। कुमाऊं विवि की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस प्रकरण में यह सिद्ध हुआ है कि भूगर्भ विभाग की ओर से विद्यार्थी हित में कार्यवाही नहीं की गई और इसे प्रशासनिक अक्षमता मानते हुए कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने एक जांच समिति गठित कर दी है। साथ ही इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच के लिए कुलाधिपति व राज्यपाल से भी उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है।
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गिरीश रंजन तिवारी