नैनीताल। उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए कुमाऊं विश्वविद्यालय से एक उत्साहजनक अपडेट आया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूसीसी) के नवीनतम मानकों और विश्वविद्यालय शोध अध्यादेश 2023 के तहत, सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं।
यूजीसी-नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों और लिखित परीक्षा से छूट प्राप्त श्रेणी के उम्मीदवारों को अब किसी प्रवेश परीक्षा के तनाव से नहीं गुजरना होगा। वे सीधे साक्षात्कार के माध्यम से अपनी योग्यता साबित कर पीएचडी में प्रवेश पा सकेंगे। कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोध एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. नंद गोपाल साहू ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से मेरिट और साक्षात्कार के आधार पर होगी जिससे प्रतिभाशाली शोधार्थियों को आगे बढ़ने का निष्पक्ष अवसर मिलेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने शोध निर्देशकों को निर्देशित किया है कि वे अपने अंतर्गत रिक्त सीटों की सूचना अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपडेट कर दें। इस प्रक्रिया के लिए कुछ सख्त मानक भी तय किए गए हैं। शोध निर्देशकों को रिक्त सीटों की संख्या विश्वविद्यालय शोध अध्यादेश 2023 के अनुसार ही देनी होगी।