आयुक्त दीपक रावत ने बताया कि उन्हें ऊधमसिंहनगर से संबंधित एक गोपनीय जानकारी मिली थी कि उद्यान विभाग के ओर से भेषज विभाग को मटर के बीज को लेकर वर्कऑडर दिया गया था। भेषज विभाग ने मटर बीज की सप्लाई रुद्रपुर के एक डिलर को दे दी। डीलर ने उत्तर प्रदेश के उरई से मटर का बीज मंगाकर भेषज विभाग को दिया। भेषज विभाग ने ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जनपद में उद्यान विभाग को यह बीज भिजवा दिया। उन्होंने कहा कि विभाग को मटर के बीज की 20-20 किलो में सप्लाई करनी थी लेकिन जनपद में 40 किलो के बैग में मटर के बीज की सप्लाई की गई। वहीं ऊधमसिंहनगर में 20-20 किलो के बैग में सप्लाई की गई है।
जांच होने तक सील रहेगा आउटलेट
कमिश्नर ने कहा कि जब ऊधमसिंहनगर में 20 किलो के बैग में सप्लाई की गई तो नैनीताल जनपद में 40 किलो के बैग में सप्लाई क्यों की गई। आयुक्त रावत ने बताया कि मटर के बैग में वर्ष 2023 लिखा हुआ है। बैग में लगा बारकोड स्कैन नहीं हो रहा था। साथ ही बीज प्रमाणीकरण भी सही नहीं पाया गया। कमिश्नर ने कहा कि किसानों को मटर का बीज गलत गुणवत्ता का नहीं दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि किसानों के साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने उद्यान विभाग के आउटलेट सेंटर को सील कर दिया। कमिश्नर ने कहा कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक केंद्र सील रहेगा।
नैनीताल जिले के लिए 40 क्विंटल बीज मंगाया
मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. रजनीश सिंह ने कमिश्नर को बताया कि नैनीताल जिले में मटर का 40 क्विंटल बीज मंगाया गया है जिसमें 14 क्विंटल वितरण सेंटरों को भेजा गया है। शेष 26 क्विंटल बचा हुआ है। बताया जा रहा है कि बीज किसानों को नहीं बांटा गया है। इस दौरान एसडीएम प्रमोद कुमार, डीडीओ गोपाल गिरी गोस्वामी आदि मौजूद रहे।