किसानों के समर्थन में गांधी पार्क पर धरने पर बैठे लोग।
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अल्मोड़ा। संयुक्त किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर भारत बंद के समर्थन में उत्तराखंड किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में धरना दिया। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए तीन कृषि कानूनों को तुरंत निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानूनी गारंटी दिए जाने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनता की परेशानियों का समाधान करने में विफल साबित हुई है। बिना जनता की राय लिए नए जनविरोधी कानूनों को ला रही है। केंद्र सरकार के यह कदम ब्रिटिश सरकार के दमनकारी रवैये की याद दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का कारपोरेट परस्त रवैया बेनकाब हो गया है। राहत के नाम पर ऋण आधारित योजनाओं को लागू कर जनता को कर्ज के बोझ में दबाने की नीति पर चल रही है। किसानों की मांगों को समर्थन जताते हुए मजदूर विरोधी चार श्रम संहिता वापस लेने, ठेकाकरण, विनिवेश, निजीकरण समाप्त करने, स्थायी काम में स्थायी नियुक्ति, समान काम के लिए सामान वेतन, आशा, भोजन माता, आंगनबाड़ी, पीटीसी और ग्राम प्रहरियों को 21 हजार रुपये मानदेय देने, पुरानी पेंशन बहाल करने आदि मांगें उठाईं।
धरने में किसान सभा के जिला संयोजक दिनेश पांडे, अरुण जोशी, जनवादी नौजवान सभा के स्वप्निल पांडे, दीपक कुमार, राकेश त्रिवेदी, डॉ. सुशील तिवारी, जनवादी महिला समिति की सुनीता पांडे, सीटू के आरपी जोशी, दया चंद्र आगरी, सुनील जोशी आदि ने भाग लिया। बाद में मांगों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा गया।