जिले में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए विभिन्न विषयों की करीब पांच लाख किताबें आनी हैं, मगर अब तक मुख्यालय से सिर्फ 90 हजार किताबें आईं हैं। इसके अलावा कक्षा छह से आठ तक के बच्चों की तो किसी विषय की किताब नहीं आने से उन्हें पढ़ाई में परेशानी हो रही है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को सर्वशिक्षा अभियान के तहत पुस्तकें मुफ्त दी जाती हैं। पहली अप्रैल से नया सत्र शुरू होने के बावजूद अब तक शिक्षा विभाग बच्चों को किताबें मुहैया नहीं करा सका है। स्कूलों में प्राइमरी और जूनियर कक्षाओं के लगभग साढ़े 73 हजार बच्चे पंजीकृत हैं।
इन बच्चों के लिए शिक्षा विभाग ने 50 विषयों की पांच लाख किताबों का आर्डर मुख्यालय को भेजा था, लेकिन इस बार किताब छपाई का ठेका देरी से होने के कारण अब तक 90 हजार किताबें ही पहुंच सकी है। इनमें कक्षा एक की अंग्रेजी, दो की अंग्रेजी, गणित, कक्षा तीन एवं चार की अंग्रेजी, गणित तथा कक्षा पांच की अंग्रेजी, गणित के साथ हमारे आसपास विषय की किताब आई है।
किताबों का वितरण चल रहा है। डीईओ आरसी पुरोहित ने बताया कि मुख्यालय को जल्द किताबें भेजने के लिए लिखा गया है, ताकि जुलाई से स्कूल खुलने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
28 मई से बंद होंगे सरकारी स्कूल
शिक्षा विभाग के स्कूल इस बार 28 मई से बंद होंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पहले 25 मई को स्कूल बंद होते थे, लेकिन इस वर्ष 28 मई से ग्रीष्मकालीन छुट्टियां घोषित की हैं। स्कूल पहली जुलाई से खुलेंगे। इसी तरह शीत ऋतु में 1 से 15 जनवरी तक जाड़ों की छुट्टियां होंगी।